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प्रदूषण को खत्म करने किसान के बेटे ने बनाई अनूठी एयर पॉल्यूशन कंट्रोल मशीन, गजब की है खासियत, देखें वीडियो

मन में यदि कुछ कर गुजरने का जज्बा हो और आप दृढ़ विश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं तो सफलता आपके कदम चूमती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है छोटे से किसान के बेटे ने। हम बात कर रहे हैं बड़वारा क्षेत्र के ग्राम मझगवां निवासी कृषक रामकुमार कुशवाहा के बेटे सुनील कुशवाहा की।

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Balmeek Pandey

Jan 01, 2020

बालमीक पांडेय @ कटनी. मन में यदि कुछ कर गुजरने का जज्बा हो और आप दृढ़ विश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं तो सफलता आपके कदम चूमती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है छोटे से किसान के बेटे ने। हम बात कर रहे हैं बड़वारा क्षेत्र के ग्राम मझगवां निवासी कृषक रामकुमार कुशवाहा के बेटे सुनील कुशवाहा की। ट्रेन के सफर में इंजन का धुआं सांस लेने में समस्या पैदा की तो प्रदूषण को खत्म करने ठानी और तीन साल तक मेहनत कर ऐसी मशीन इजाद की है जो दो लाख 20 हजार स्क्वायरफीट के प्रदूषण का सफाया कर देगी। युवक ने मशीन बनाकर तैयार कर ली है और उसे पेटेंट कराने के लिए कलेक्टर शशिभूषण सिंह व प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा है। बता दें कि 31 दिसंबर को कटनी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 349 है। वायु गुणवत्ता अत्यंत ही खराब है, जबकि इसको 200 एक्यूआइ के नीचे होना चाहिए। प्रदूषण के चलते शहर का नाम संभाग ही नहीं प्रदेश और देश में भी सुर्खियों में है। इसकी मुख्य वजह धूल, धुआं और बढ़ता शोर है। इससे हर आम और खास परेशान है। बढ़ते प्रदूषण की समस्या से उबरने किसान के बेटे ने ऐसी मशीन तैयार की है, जिसकी हर कोई प्रशंसा कर रहा है। कक्षा एक से 8 तक मझगवां में अध्ययन करने के बाद हाइ स्कूल की पढ़ाई 24 किलोमीटर प्रतिदिन साइकिल से आ-जाकर कटनी में की। इसके बाद जबलपुर में खालसा कॉलेज से बी-टेक किया और समाज के लिए कुछ कर गुजरने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

 

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मशीन बनकर तैयार
सुनील ने कि तीन साल पहले कटनी से जबलपुर पढ़ाई करते जाते समय देखा कि ट्रेन में भारी मात्रा में धुआं निकल रहा है। धुआं मुंह में आने से घुटन महसूस हुई। उसी से ठाना कि ऐसी मशीन तैयार करना है जिससे इसको कम किया जा सका। कड़ा अध्ययन किया। समस्या समाधान के लिए लगातार प्रयोग किए, उपाय तैयार किए और अब खास तरीके के फिल्टरों को बनाते हुए मशीन तैयार कर दी। 15 दिसंबर से मशीन तैयार है। बीइ मैकेनिकल में पढ़ाई करने के साथ ही यह एयर पॉल्यूशन कंट्रोल मशीन बनाई है। जिसका नाम दिया है ‘स्कॉय ओजोन लेयर 0.50 स्मोक क्लीन एयर प्यूरीफॉयरÓ। इस मशीन में ऑनलाइन नेटवर्किंग मशीन भी लगाई गई है जिसे आसानी से मोबाइल से ऑपरेट किया जा सकता है। मशीन के काम करने, बिगडऩे व किस स्थिति में इसकी जानकारी भी मोबाइल में मैसेज के माध्यम से मिलती है। युवक ने इस मशीन को तैयार करने में तीन साल बिताने के बाद सफलता हासिल की है। इसमें युवक ने तीन लाख रुपये खर्च किए हैं।

 

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यह है खासियत
पर्यावरण प्रदूषण फैलता है उसको खत्म करती है। चिमनी से निकलने वाला धुआं, गाडिय़ों, भ_ो सहित अन्य माध्यमों से निकलने वाले धुएं को ऑब्जर्व करती है और उसे फिल्टकर 95 प्रतिशत कॉर्बन अलग कर 95 फीसदी हवा को शुद्ध कर देती है। इसके अलावा चुंबकीय कण को अलग करने के साथ जहरीली हवा को खराब करती है। यह मशीन बिजली और सौर ऊर्जा दोनों से चल रही है। बगैर बिजली के बाद भी यह वायुमंडल को शुद्ध कर रही है।

खास-खास:
– एक फिल्टर से जो बारीक कण निकलते हैं उससे बिजली बनती है, इसमें प्रकाश संशलेषण की क्रिया से यह प्रक्रिया होती है और साथ में शुद्ध हवा निकलती है।
– चिमनी के अंदर धुआं खत्म करने के लिए एस-1 से अंदर का एस-2 से बाहर का धुआं खत्म होता है, नेटवर्किंग मशीन से ऑपरेट किया जाता है।
– मशीन निर्माण में युवक ने खर्च तीन लाख रुपये किए खर्च, मुंबई में विल्स इंडिया प्रालि में काम करके जुटाए रुपये, पापा से भी ली मदद।
– पीएम कार्यालय में मशीन की उपयोगिता के लिए पत्र लिखा है, इसके लिए कलेक्टर शशिभूषण सिंह से मशीन को पेटेंट कराने पहल शुरू की है।

 

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ऐसे तैयार की मशीन
मशीन में 9 प्रकार के फिल्टरों को लगाया है। यह धुएं के एक-एक स्टेप को खत्म कर साफ हवा देता है। इसमें चिमनी लगी है, मशीन धुआं खीचती है, एफ-1 से लेकर एफ 9 तक नौ फिल्ट लगे है। एक वॉयलर लगा हुआ है जो एफ-7 है जो फिल्टर करने में मदद करता है। कूलिंग टॉवर लगा है जो गर्म हवा को ठंडी करता है। एक पाइप लगा है जो वायुमंडल में शुद्ध हवा फेंकती है।

इनका कहना है
युवक द्वारा मशीन बनाने के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई है। मशीन की खासियत और और उसकी उपयोगिता के लिए एक जनवरी को युवक से मुलाकात की जाएगी। इस मशीन के उपयोग के संबंध में आवश्यक पहल करेंगे।
शशिभूषण सिंह, कलेक्टर।