
CG News: आसमान साफ होते ही दीपावली की तैयारी तेज(photo-patrika)
CG News: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में इस वर्ष दीपावली का पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इससे पहले घरों में रंग-रोगन का काम तेज हो गया है। बीते सप्ताह 10 दिनों से मौसम में उतार चढ़ाव और बारिश के चलते लोग पर्व की तैयारी भी नहीं कर पा रहे थे, लेकिन सोमवार आसमान साफ होते ही नगर का पेंट दुकानों में रौनक देखने को मिला।
हर साल की तरह इस बार भी लोग अपने घरों को नया रंग-रूप देने में जुट गए हैं। आने वाले दिनों में रंग-बिरंगे पेंट्स, डिस्टेपर और पॉलिश की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगातार बढ़ती जाएगी। दीपावली को देखते हुए दुकानदारों के चेहरे पर मुस्कान है, क्योंकि लंबे समय के बाद बाजार में रौनक लौटने लगी है। कारोबारियों का कहना है कि, दीपावली का सीजन उनके लिए साल का सबसे बड़ा मौका होता है।
अधिकतर लोग घरों की सफाई और रंगाई का काम इन्हीं दिनों में कराते हैं। इस बार बारिश देर तक रहने के कारण कई लोगों ने पेंटिंग का काम थोड़ी देर से शुरू किया, लेकिन अब बाजार में मांग तेजी से बढ़ी है। अब रोजाना सुबह से शाम तक लोग पेंट के नए शेड्स और ऑफर्स के बारे में पूछताछ कर रहे हैं। इस बार एंटी-डस्ट और वॉशेबल पेंट्स की मांग सबसे ज्यादा है।
शहर के निवासी कहते हैं कि दीपावली सिर्फ रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि नयपन का प्रतीक है। लोग मानते हैं कि घर को नया रंग देना शुभ होता है और इससे सकारात्मक ऊर्जा आती है। इसी भावना के साथ हर कोई अपने घर को संवारने में जुटा है।
इस बार पेंट बिक्री में लगभग 30 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। बावजूद मांगों में कोई कमी नहीं आई है। ग्रामीण इलाकों से भी लोग शहर में आकर पेंट और अन्य सजावटी सामान खरीद रहे हैं। पेंट दुकानों में यह रौनक दीपावली तक बनी रहने की उमीद है। जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आएगा, बिक्री और बढ़ेगी।
ग्राहकों में इस बार नए रंगों को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। पहले जहां लोग पारंपरिक सफेद या क्रीम रंगों को प्राथमिकता देते थे, वहीं अब ट्रेंड मॉडर्न कलर्स की ओर बढ़ रहा है। नीले, ग्रे, येलो और पेस्टल शेड्स लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। पेंट कंपनियां भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न ऑफर्स और स्कीस लेकर आई हैं।
हर साल दीपावली से करीब 20-25 दिन पहले बिक्री बढ़ जाती है। मगर, लगातार होती रही बारिश के कारण यह गैप बढ़ गया। अब घरों की साफ-सफाई और रंग-रोगन के लिए 7 से 8 दिनों का समय ही शेष बचा हुआ है। इसे लेकर तैयारी चल रही है।
पिछले हतेभर से रुक-रुककर होती रही। बारिश की वजह से लोग अपने घरों की पेंटिंग का मूड बदल रहे थे। इससे सबसे बड़ा नुकसान पेंटरों को होता। हालांकि, बारिश थमने के साथ ही शहर के पेंटरों के चेहरों पर भी मुस्कान आ गई है। पेंटरों के पास भी इन दिनों काम की भरमार है। कई पेंटरों ने बताया कि उन्हें एक दिन में कई बुकिंग मिल रही हैं और दीपावली तक का सारा शेड्यूल पहले ही फुल हो चुका है। बढ़ते काम के चलते मजदूरी दरों में भी थोड़ी बढ़ोतरी हुई है।
Updated on:
14 Oct 2025 06:37 pm
Published on:
14 Oct 2025 06:37 pm
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