
गैस कनेक्शन पर निर्धारित शुल्क से अतिरिक्त वसूली (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Crime News: ग्रामीण क्षेत्रों में गैस एजेंसी द्वारा इन दिनों नए जुड़ने वाले उपभोक्ताओं से गैस कनेक्शन देने के नाम पर अधिक पैसा वसूला जा रहा है। सिंगल बॉटल कनेक्शन और डबल बॉटल कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं से तय राशि से 1000 से 1500 रुपए तक अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं। ताजा मामला बिरकोना स्थित गैस एजेंसी का आया है, जहां उपभोक्ताओं को गैस देने के लिए अधिक वसूला जा रहा था।
बिरकोना स्थित गैस एजेंसी में गैस सिलेंडर कनेक्शन लेने के लिए अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों से महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंचती हैं। एचपीसीएल के नियम अनुसार सिंगल कनेक्शन का निर्धारित शुल्क करीब 3200 रुपए है, लेकिन इसे गैस एजेंसी चार हजार रुपए तक में बेचा जा रहा है। मामला तब खुला जब इसकी शिकायत उपभोक्ता क्रमांक 606742 द्वारा एचपीसीएल ग्राहक हेल्पलाइन 18002333555 में की गई।
मामले को संज्ञान में लेते हुए एचपीसीएल ग्राहक हेल्पलाइन ने गैस एजेंसी को तय राशि में गैस सिलेंडर देने की बात कही। इसके बाद भी एजेंसी के ऑपरेटर और संचालक द्वारा तय राशि में सिलेंडर देने से इंकार किया गया। साथ ही उनके खिलाफ शिकायत किए जाने की बात कहकर उपभोक्ता से बदसलूकी की जाने लगा। कनेक्शन के लिए घंटों इंतजार कराया गया। इसकी शिकायत दोबारा शुक्रवार को एचपीसीएल ग्राहक हेल्पलाइन में की गई, तब जाकर गैस एजेंसी द्वारा 3260 रुपए में गैस देने के लिए राजी हुई।
गैस एजेंसी को अधिक कीमत पर गैस देने को लेकर एचपीसीएल ने फटकार लगाई। इस बीच एजेंसी में बैठे ऑपरेटर ने शिकायतकर्ता उपभोक्ता क्रमांक 606742 से कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराने का दबाव डालने का प्रयास किया। हालांकि शिकायतकर्ता ने आवेदन लिखने के बाद ही हस्ताक्षर करने पर अड़ गए। अंतत: एजेंसी के ऑपरेटर कनेक्शन देने के लिए तैयार हुए।
उक्त गैस एजेंसी ग्रामीण क्षेत्र में होने की वजह से यहां से 20 से अधिक गांवों के ग्रामीण गैस कनेक्शन से लेकर गैस रिफिलिंग कराते हैं। इसमें धरमपुरा, इंदौरी, कोसमंदा, बहरमूड़ा, पनेका, खपरी, चचेड़ी, झलमला, बिटकुली, गुढ़ा, केसली, सोनपुरी समेत गांवों के ग्रामीण शामिल हैं। इन गांवों के लोग हर दिन गैस सिलेंडर कनेक्शन के लिए गैस एजेंसी पहुंचते हैं, जिनसे गैस कनेक्शन के लिए चार से पांच हजार रुपए वसूले जाते हैं। वहीं घरेलू महिलाओं को उचित कीमत की जानकारी नहीं होने की वजह से वे गैस एजेंसी द्वारा लिए जा रहे मनमाने वसूली की शिकार हो रहीं हैं।
सवाल यही है कि क्या अधिकारी शिकायत पर ही जांच करेंगे। सक्षम अधिकारी हैं तो स्वत: संज्ञान भी तो लिया जा सकता है। ऐसा लगता है मानो अधिकारी जान बूझकर गैस एजेंसी की जांच नहीं करना चाहते। जबकि हर गैस एजेंसी में अतिरिक्त वसूली, समय पर सिलेण्डर नहीं मिलने की शिकायतें हैं लेकिन विभागीय अधिकारी कहीं जांच करते ही नहीं। ऐसे में तो शंका होती है कि अधिकारियों की कहीं मिलीभगत तो नहीं।
इस मामले में जिला खाद्य अधिकारी सचिन मरकाम से सवाल किया तो उनका कहना है कि उनके पास लिखित शिकायत नहीं आयी है। शिकायत के आधार पर जांच की जा सकती है।
गैस एजेंसी में ग्रामीणों को जानकारी देने के लिए वितरण बोर्ड तो लगाया गया है लेकिन बोर्ड में दिए गए 5 किलो, 14.2 किलो, 19 किलो, 35 किलो और 47.5 किलो के सिलेंडर के लिए जमा राशि समेत रिफिल लागत को खाली छोड़ दिया गया है। इसके चलते यहां पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को वास्तविक कीमत की जानकारी नहीं मिल पाती है। इसके चलते ही उपभोक्ता एजेंसी की मनमानी कीमत का शिकार हो रहे हैं।
Updated on:
25 Oct 2025 10:28 am
Published on:
25 Oct 2025 10:27 am
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