
CG Accident News: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सड़क दुर्घटना में 80 प्रतिशत से अधिक दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण नशा ही है वह भी शराब का। वहीं रफ़्तार के कारण लोगों की जान जा रही है। रायपुर जबलपुर नेशनल हाइवे-30 पर तेज रतार का कहर रोजाना ही दिखाई देता है। बुधवार को भोरमदेव सुगर फैक्ट्री पास सड़क दुर्घटना हुई। एक तेज रफ़्तार अर्टिगा कार ने बाइक सवार दो व्यक्ति को ठोकर मार दी।
इससे मौके पर ओंकार(45) निवासी ग्राम सिंघनपुरी मानपुर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरा व्यक्ति नंदकुमार बंसे घायल हो गया, जिसे बोड़ला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं पोड़ी चौकी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्च्यूरी भेजा। अर्टिगा कार चालक कार छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं है। कहीं न कहीं लापरवाही के चलते ही आए दिन दुर्घटना में लोगों की जान जा रही है। चाहे वह नशे में वाहन चालन हो या फिर रफ़्तार से वाहन चलाना।
सड़क हादसे में कई परिजन अपने संतान, माता-पिता, पति, पत्नी, भाई-बहन न जाने कितने रिश्ते खो देता है। कई बच्चे अनाथ, तो कोई बेघर हो जाता है। ड्राइवर को जेल जाना पड़ता है जिसके कारण उसके परिवार को आर्थिक रुप से परेशानी उठानी पड़ती है। लापरवाही के चलते ही ऐसी परिस्थितियों परिजनों को उठानी पड़ती है।
ऐसे में यातायात नियमों का पालन करने से ही किसी अन्य का नहीं बल्कि खुद का ही फायदा है। सबसे बड़ा फायदा खुद की जान बचेगी और परिवार खुशहाल रहेगा। दूसरा लाभ आर्थिक नुकसान नहीं होगा, मतलब चालान नहीं कटेगा। ऐसे में रफ़्तार की नहीं सावधानी बरतने की जरूरत है।
बाइक से सड़क हादसों में हुई मौत को देखा जाए तो सिर पर गहरी चोट के कारण ही होती है। शरीर का सबसे भारी और नाजुक हिस्सा सिर है। इसके कारण ही सिर सबसे पहले सड़क पर टकराता और अंदरुनी चोट लगती है। हेलमेट से इसका बचाव होता है।
शराब के नशे में लोग वाहन चालन करते हैं। इसके कारण वह वाहन भी तेजी से चलाते हैं। नशे में वाहन नियंत्रण नहीं कर पाने के कारण हादसे के शिकार होते हैं। खुद के साथ दूसरे की जान भी जोखिम में डालते हैं। चूंकि रोड पहले ही अपेक्षा बेहतर हो चुके हैं तो लोग रफ़्तार से वाहन चलाते हैं और यहीं लापरवाही करते हैं।
Updated on:
03 Apr 2025 04:41 pm
Published on:
03 Apr 2025 04:38 pm
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