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गांव-गांव बिक रही अवैध शराब, खंडवा आबकारी विभाग ने शराब माफियाओं के आगे टेके घुटने, महिलाएं खुद पकड़ कर ले आई शराब

-आठ गांवों की महिलाओं ने अवैध शराब के साथ कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन -लगाया आरोप -ठेकेदार कह रहे हम आबकारी और पुलिस को भरते है रुपए -जनप्रतिनिधियों का भी प्राश्रय, अब महिलाएं सीधे मुख्यमंत्री से करेंगी शिकायत
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खंडवा

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Manish Arora

Aug 26, 2026

illegal liquor

खंडवा. अवैध कच्ची शराब के पीपे लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं ग्रामीण महिलाएं।

शराब माफिया के आगे आबकारी विभाग, पुलिस पूरी तरह से बेबस नजर आ रहा है। जिले के हर गांव में अवैध शराब की बिक्री जोरों पर है और संबंधित विभाग है कि आंखें मूंदे बैठा है। आबकारी विभाग को गांवों में बिक रही अवैध शराब नहीं दिख रही। शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीण महिलाएं खुद ही अवैध शराब पकडकऱ कलेक्ट्रेट पहुंच गई। मंगलवार को आठ गांवों की महिलाओं ने अवैध शराब को लेकर कलेक्ट्रेट में जमकर प्रदर्शन किया।

कई बार महिलाएं लगा चुकी गुहार

यह पहली बार नहीं है जब ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अवैध शराब को लेकर कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची। गांवों में अवैध शराब की बिक्री को लेकर संयुक्त महिला समिति के माध्यम से हर मंगलवार को किसी न किसी गांव से महिलाएं शिकायत लेकर आ रही है। जिला प्रशासन से शिकायत के बाद भी आबकारी विभाग है कि कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति तक नहीं कर रहा है। सोमवार को तो एक अवैध शराब कारोबारी का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वह संयुक्त समिति की महिलाओं को विधायक का भांजा होने की धौंस तक जमा रहा था। इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि विधायक कंचन तनवे ने खुद वीडियो जारी कर ऐसे लोगों पर कार्रवाई की मांग की थी।

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10 पीपे शराब पकड़ी, फिर भी बेच रहे

मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंची संयुक्त महिला समिति की ममता मोरे ने बताया कि आबकारी और पुलिस को अवैध शराब बेचने की जानकारी देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती। हमने ग्राम कालंका में 10 पीपे कच्ची शराब पकड़ी और डायल 112 को सौंपी। पंधाना थाने में शिकायत की, दूसरे दिन भी वहां शराब बिक रही थी। जिसके बाद कालंका और ग्राम डोंगरगांव से हमने शराब पकड़ी और यहां अधिकारियों को दिखाने लाए है।

आबकारी और पुलिस पर सीधा आरोप

महिलाओं ने बताया कि जब अवैध शराब बेचने वालों को समझाइश देने जाते है तो वह उल्टे उन्हें ही डराते है। अवैध शराब बेचने वालों का कहना है कि हम पुलिस और आबकारी को पैसे भरते हैं। ठेकेदार साल में एक बार पुलिस और आबकारी को केस देता है, जिसके बाद पुलिस और आबकारी विभाग उन्हें शराब बेचने की छूट देता है। जनप्रतिनिधि भी इस मामले में कुछ नहीं करते। प्रदर्शन में ग्राम टाकलखेड़ा, डोंगरगांव, कालंका, चिचखेड़ा, पांचबेड़ी, लछोरा, खारवा, पिपलौद खास ग्राम पंचायत की महिलाएं शामिल रहीं।

अवैध शराब को लेकर हुई शिकायत

23 जून को ग्राम जामठी और माकरला की महिलाएं अवैध शराब की शिकायत करने पहुंचीं।
14 जुलाई को राजगढ़, सिंगोट, बड़ोदा अहीर की महिलाओं ने अवैध शराब की शिकायत की।
4 अगस्त को खालवा ब्लॉक के नागोतार की महिलाएं अवैध शराब की शिकायत करने पहुंची।
18 अगस्त को ग्राम सेगवाल, डोंगरगांव की महिलाओं ने जनसुनवाई में शिकायत की।
24 अगस्त को खिडग़ांव में अवैध शराब को लेकर विधायक के कथित भांजे का वीडियो वायर हुआ।
25 अगस्त को 8 गांवों से करीब 300 महिला-पुरुष अवैध शराब की शिकायत करने पहुंचे।

सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

अवैध शराब को लेकर महिलाओं के प्रदर्शन की जानकारी मिली है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और आबकारी विभाग को सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस और आबकारी को त्वरित रूप से कार्रवाई करने को कहा है।
ऋषव गुप्ता, कलेक्टर