
खंडवा. ग्राम कारपुर में पुरानी स्कूल को सीएम राइज शाला बताने से आक्रोशित ग्रामीण।
जेन-जी के आंदोलनों के बाद अब जेन-अल्फा के लिए भी आवाज उठने लगी है। स्कूल भवनों पढ़ाई से ज्यादा बच्चों की सुरक्षा की चिंता ग्रामीणों को सता रही है। मंगलवार को जेन अल्फा (स्कूली विद्यार्थियों) की सुरक्षा के लिए गुहार लगाने बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने स्कूल भवनों को सुधारने, बच्चों को सुरक्षित शिक्षा देने की मांग की है।
कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में ग्राम खारी रैयत ग्राम पंचायत टिमरनी से आए ग्रामीणों ने बताया कि गांव की शासकीय प्राथमिक शाला का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इस भवन में 135 बच्चे अध्ययनरत है। ग्रामीणों ने बताया इमारत बहुत पुरानी है और कभी भी हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने मांग है कि बच्चो की सुरक्षा और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए भवन का शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए। इसके साथ ही ग्रामीणों ने गांव में पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिलने को लेकर भी आवेदन सौंपा। ग्रामीणों ने मांग की कि उन्हें पीएम आवास योजना का भी लाभ दिलाया जाए।
ग्राम कारपुर से आए ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सीएम राइज स्कूल प्रस्तावित है। कलेक्टर द्वारा इसकी अनुमति भी दी जा चुकी है, लेकिन 3 साल से यहां सीएम राइज स्कूल का निर्माण ही शुरू नहीं हुआ है। गांव के पुराने हाई स्कूल पर सीएम राइज का बोर्ड लगा दिया गया है। अब पता चला है कि स्कूल का निर्माण कारपुर में न करते हुए अन्य गांव में किया जा रहा है। इसके लिए पटवारी ने जगह की कमी बताकर शासन को पत्र लिख दिया है। जबकि गांव में स्कूल के लिए बहुत जगह है, जिसका चयन भी पहले किया जा चुका है।
ग्राम पंचायत सेमल्या के ग्राम लुन्हार से आए कहार समाज के लोगों ने एक मछली ठेकेदार पर भाम सिंचाई योजना के तालाब पर कब्जा करने का आरोप लगाया। ग्रामीण मुन्ना रूखडू, राजेश भैयालाल, राजेश जीवन, कालू दयाराम, प्रदीप सुरेश आदि ने बताया कि मछली व्याापारी दीपक द्वारा भाम सिंचाई योजना में फर्जी तरीके से समिति सदस्य बनकर कब्जा किया जा रहा है। एक समिति पर कब्जा कर तालाब में किसी को भी मछली पकडऩे नहीं दे रहा है। जिससे सभी की रोजी रोटी पर भी संकट आ गया है।
किल्लौद के पिपलानी स्थित साख सहकारी समिति में अपनी जीवनभर की कमाई जमा कर चुके ग्रामीण किसान फिर गुहार लगाने पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि समिति प्रबंधक पर गबन का आरोप साबित होने के बाद भी उनकी रकम वापस नहीं मिल रही है। करीब 1500 किसानों का 62 करोड़ रुपया समिति में फंसा हुआ है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक महाप्रबंधक आलोक यादव ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही कार्रवाई होगी।
Updated on:
26 Aug 2026 12:26 pm
Published on:
26 Aug 2026 12:26 pm
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