
खंडवा. तेज आंधी के कारण 100 साल पुराना पेड़ उखडकऱ धाराशायी हो गया।
प्री-मानसून में हवा-आंधी कहर बरपा रही है। तीन दिन पहले खंडवा में 70 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली थी। अब ओंकारेश्वर के मोरटक्का में आंधी ने कहर ढा दिया। यहां 80 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चली आंधी ने कई पेड़ उखाड़ दिए, घरों की छत से टीन उड़ गए, बिजली गुल हो गई। मोरटक्का पुल पर एक ऑटो पलटने से कई घंटे जाम की स्थिति रही। वहीं, खंडवा में बादलों और धूप के चलते उमस से लोग बेहाल रहे।
प्री-मानसून गतिविधियों के तहत दबाव परिवर्तन वाले क्षेत्रों में तेज आंधी चल रही है। रविवार शाम मोरटक्का में भी कम दबाव का क्षेत्र बनने से तेज आंधी के साथ जोरदार बारिश हुई। आंधी के कारण खेड़ीघाट स्थित शीतला माता रोड पर करीब 100 वर्ष पुराना नीम का विशाल पेड़ जड़ सहित उखडकऱ विद्युत लाइन की केबल पर गिर गया। इसके चलते पूरे क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद हो गई। देर शाम तक विद्युत विभाग की टीमें मरम्मत कार्य में जुटी रहीं।
मोरटक्का, मोरघड़ी, मोरटक्का स्टेशन, मोरटक्का माफी, कटार एवं आसपास के गांवों में एक दर्जन से अधिक पेड़ धराशायी हो गए। तेज हवाओं के कारण 20 से 25 मकानों की टीन और चद्दरें उड़ गईं। कई परिवारों का अनाज और घरेलू सामान भी बारिश में भीग गया, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
तेज बारिश और आंधी के दौरान इंदौर-इच्छापुर एवं ओंकारेश्वर को जोडऩे वाले मोरटक्का ब्रिज पर लंबा जाम लग गया। जाम में फंसे वाहनों के बीच एक ऑटो तेज हवा के झोंकों में असंतुलित होकर पलट गया। हालांकि किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन घटना ने लोगों को डरा दिया।
वीकेंड होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओंकारेश्वर पहुंच रहे थे। अचानक बदले मौसम और तेज बारिश के चलते यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोग रास्तों और दुकानों में शरण लेने को मजबूर हुए।
जिला कृषि मौसम इकाई प्रभारी डॉ. सौरव गुप्ता ने बताया कि प्री-मानसून में दबाव परिवर्तन वाले क्षेत्रों में तेज हवाओं का जोर रहता है। मानसून अभी आंध्र और महाराष्ट्र की बार्डर पर ही अटका हुआ है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्री-मानसून गतिविधियां चल रही है। आगामी 10 तक ऐसा ही मौसम रहेगा। आंधी के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी। रविवार को तापमान में भी बढ़ोत्तरी हुई। दिन का तापमान 41.1 डिग्री और रात का 25.0 डिग्री रहा। उमस के कारण लोग बेहाल होते रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहली बार इतनी तेज रफ्तार की आंधी और तूफान देखा है। कई स्थानों पर पेड़ सडक़ों पर गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ। मोरटक्का-खेड़ीघाट मार्ग सहित करीब एक दर्जन स्थानों पर मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति बनी रही।
Updated on:
8 Jun 2026, 12:14 PM IST
Published on:
8 Jun 2026, 12:14 PM IST
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