
Kishangarh: विदेशी पावणे पधारे मार्बल नगरी, संक्रमण का खतरा
मदनगंज किशनगढ़.
नगर की गुंदलाव झील के किनारे प्रवासी पक्षियों ने डेरा जमा लिया है। बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी झील में पहुंच रहे हैं। लेकिन रुपनगढ़ में चार पक्षियों के मृत मिलने के बाद इनकी सुरक्षा की चिंता गहरा गई है।
सर्दी शुरू होने के साथ ही बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी किशनगढ़ पहुंचते हैं और यहां स्थित गुंदलाव झील हमीर तालाब सातोंलाव तालाब में अठखेलियां करते नजर आते हैं । सबसे ज्यादा समय पक्षी गुंदलाव झील में ही रहते हैं। लेकिन इन दिनों पक्षियों के आने के बाद से इनकी सुरक्षा की चिंता सता रही है । क्योंकि हाल ही में सांभर झील से लगातार पक्षियों के मरने की खबरें आ रही है। वहीं रूपनगढ़ से भी पक्षियों के मरने के समाचार है। इससे किशनगढ़ में भी पक्षियों की मौत नहीं हो जाए। दोनो ही स्थान किशनगढ़ से ज्यादा दूर नहीं है। ऐसे में संक्रमित पक्षी के यहां आने से इन पक्षियों में भी संक्रमण फैल सकता है।
-मौसम में बदलाव के साथ आते है पक्षी
नगर में पक्षी बारिश के बाद आना प्रारंभ होते है। यह पक्षी पूर्वी यूरोप, साइबेरिया, मंगो्लया, पोलैण्ड सहित अन्य देशों से आते है। झीलों में पक्षियों को भोजन भी आसानी से मिल जाता है। मौसम भी पक्षियों के लिए अनुकूल है। शिकार की संभावना भी नगण्य है।
- यह समय पक्षियों के आने का है। भौगौलिक परिस्थितियों की अनुकूलता के कारण पक्षी आते है। जिले में कई देशों से पक्षी आते है।
-डॉ. प्रवीण माथुर, मदस विश्वविद्यालय अजमेर
Updated on:
18 Nov 2019 12:46 pm
Published on:
18 Nov 2019 12:46 pm
