
TMC के चुनाव चिन्ह विवाद पर रितब्रत बनर्जी बोले, फोटो सोर्स- ANI
Ritabrata Banerjee: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनाव चिन्ह और पार्टी पर अधिकार को लेकर चल रहे विवाद के बीच रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी धड़े ने अपनी स्थिति को लेकर भरोसा जताया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रितब्रत बनर्जी ने शनिवार को कहा कि वह इस विवाद में अपने धड़े की संभावनाओं को लेकर "100 फीसदी आशावादी" हैं।
रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व में TMC के बागी धड़े के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) में चुनाव आयोग के साथ बैठक की। बैठक के बाद बनर्जी ने कहा कि बातचीत काफी सकारात्मक रही, हालांकि उन्होंने बैठक में हुई विस्तृत चर्चा का खुलासा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं बता सकता कि क्या बातचीत हुई, लेकिन यह बहुत फलदायी रही। उनसे कई सवाल थे, हमने उनके जवाब दिए और कुछ दस्तावेज भी दिखाए। उन्होंने उन दस्तावेजों को जमा करने को कहा है। हम ऐसा करेंगे। इसलिए हम आशावादी हैं, क्योंकि हम TMC हैं।
रितब्रत बनर्जी ने कहा कि बागी धड़ा खुद को एक लोकतांत्रिक संगठन मानता है और चुनाव आयोग की ओर से मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराएगा। पश्चिम बंगाल की राजनीति में अपने धड़े की स्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य में अब एक कहावत चल रही है, "ना खाता, ना बही, जो ममता बनर्जी कहे वही सही।" उन्होंने कहा कि पहले जिस तरह से सब कुछ चलता रहा, उसके बावजूद उनका धड़ा अपने भविष्य को लेकर आशावादी है।
नंदीग्राम में संभावित उपचुनाव को लेकर रितब्रत बनर्जी ने कहा कि उनका धड़ा चाहता है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विधानसभा का हिस्सा बनी रहें। उन्होंने दावा किया कि उनके धड़े ने नंदीग्राम उपचुनाव के लिए उम्मीदवार का नाम लगभग तय कर लिया है और केवल औपचारिक घोषणा बाकी है। उन्होंने ममता बनर्जी के विधानसभा चुनाव जीतने को लेकर दावा करते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने कभी कोई प्रत्यक्ष विधानसभा चुनाव नहीं जीता है। वह उपचुनाव में काफी सहज हैं। 2021 में भी यह उपचुनाव था, क्योंकि वह नंदीग्राम में हार गई थीं। इस बार भी वह हार गई हैं।" रितब्रत बनर्जी ने यह भी दावा किया कि ममता बनर्जी के परिवार के सदस्यों ने भी उनके पक्ष में मतदान नहीं किया।
उन्होंने कहा कि उनका धड़ा ममता बनर्जी को विधानसभा का हिस्सा बने देखना चाहता है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार लगभग तय है और केवल घोषणा बाकी है। हालांकि, अगर उम्मीदवार की घोषणा के बाद भी ममता बनर्जी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर करती हैं तो उनका धड़ा अपना उम्मीदवार वापस ले लेगा और उनका समर्थन करेगा।
रितब्रत बनर्जी करीब 80 नवनिर्वाचित TMC विधायकों में से लगभग 60 विधायकों के समूह का नेतृत्व कर रहे हैं। अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में BJP से पार्टी की हार के बाद इन विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से दूरी बना ली थी। इसके बाद TMC के दोनों धड़े खुद को "असली" तृणमूल कांग्रेस बताते हुए पार्टी के नाम, चुनाव चिन्ह और फंड पर अपना अधिकार जता रहे हैं। दोनों पक्षों ने इस मामले में चुनाव आयोग का रुख किया है और अपने-अपने धड़े को पार्टी का वैध नेतृत्व मानने की मांग की है।
बुधवार को चुनाव आयोग ने TMC से जुड़े प्रतिनिधित्व और पार्टी के नाम, चुनाव चिन्ह तथा फंड को लेकर चल रहे विवाद के बीच रितब्रत बनर्जी को पत्र भेजा था। आयोग ने उनके पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को 12 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे IIIDEM, सेक्टर-13, द्वारका, दिल्ली में बैठक के लिए समय दिया था। चुनाव आयोग और रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले धड़े के बीच यह बैठक पश्चिम बंगाल में होने वाले नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख से पहले हुई है। इन उपचुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर है। मतदान 6 अक्टूबर को होगा, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को की जाएगी। चुनाव आयोग के मुताबिक पूरी चुनाव प्रक्रिया 11 अक्टूबर 2026 से पहले पूरी कर ली जाएगी।
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव विधायकों के इस्तीफे के बाद जरूरी हुए हैं। रेजीनगर सीट से हुमायूं कबीर और नंदीग्राम सीट से सुवेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद इन दोनों सीटों पर उपचुनाव की स्थिति बनी है।
Updated on:
12 Sept 2026 05:48 pm
Published on:
12 Sept 2026 05:48 pm
