
कृषि विभाग पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप (photo source- Patrika)
CG News: सरकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों को वितरण के लिए आए खाद को जिम्मेदार विभाग ने मुंगापदर सहित आसपास गावो के किसानों तक पहुंचाया ही नहीं और वह एक कमरे में बंद होकर रह गया, जब इसका खुलासा कुछ जागरूक ग्रामीणों ने किया तो जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचे और अपनी जिम्मेदारी से पड़ला झाड़ने के साथ ही जागरूक ग्रामीणों पर ही कमरा खोलने की बात कहते हुए पुलिस में मामला दर्ज करने की धमकी भी दे डाली।
उक्त बातें पीड़ित किसानों ने उपसंचालक कृषि के कार्यालय पहुंचकर अपनी बात रखते हुए कही। उन्होंने यह भी कहा कि, विभाग की जिम्मेदार कर्मचारी जो इलाके का प्रभार देख रही है वे किसानों तक पहुंचती ही नहीं है। उनसे यदि कोई काम या किसी शासकीय दस्तावेज में हस्ताक्षर भी लेना हो तो उसके लिए उन्हें पैसे देने होते हैं उक्त बातें ग्रामीणों ने उपसंचालक कृषि के सामने रखी, हालांकि मौके पर मौजूद रही इलाके की प्रभारी ने इन सब बातों को तो नकार दिया, लेकिन ग्रामीण किसान अपनी बात पर डटे रहे।
CG News: इलाके की प्रभारी यह भी कहती रही कि, उनके सरकारी कमरे में रखा खाद कृषि विभाग का है ही नहीं, उसे सहकारी समिति (लेम्पस) के द्वारा मेरी जानकारी के बगैर रखवाया गया है। तभी किसानों ने कहा कि, जब आपकी बगैर जानकारी के इतने सालों से रखा हुआ है तो उसे आपने कभी अपने उच्च अधिकारियों को क्यों नहीं बताया या आपके सरकारी कमरे में कोई कैसे आपकी अनुमति के इतनी बड़ी मात्रा में सामान को डंप कर सकता है। खैर जांच पूरी होने के बाद ही सही मामला सामने आ पायेगा।
विष्णु, लेम्पस प्रबंधक: हमारी सहकारी समिति से उक्त खाद का कोई संबंध नहीं है ना ही हमारे द्वारा उसे मंगवाया गया है ना डंप किया गया।
डीपी तांडे, डीडीए: प्राथमिक जानकारी के तौर पर यह खाद कृषि विभाग का नहीं है अभी जांच जारी है फिर कुछ कह पाएंगे।
Updated on:
12 Nov 2025 03:04 pm
Published on:
12 Nov 2025 03:04 pm
