
CG News: कोण्डागांव जिले के नक्सल मोर्चे में तैनात आईटीबीपी के जवान तीरंदाजों की फौज भी अपने मूल कार्यों के साथ करते चल रहे हैं। दरअसल हम ऐसा इसलिए भी कह रहे है क्योंकि वर्ष 2016 से पहले जिले में तीरंदाजी (आचर्री) को जानने वालों की संख्या न के बाराबर थी।
लेकिन वर्ष 2016 से महज 4 आदिवासी बच्चों को लेकर आईटीबीपी के जवानों के द्वारा शुरू की गई। यह प्रशिक्षण अबतक 200 से ज्यादा युवाओं को जवानों के द्वारा प्रशिक्षित किया जा चुका है। जिन्होंने राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर व जिले का नाम रोशन किया है।
अबतक राज्य स्तर पर 262 मैडल, जिसमें गोल्ड 85,सिल्वर 91,ब्रोंज 86 व इसमें कुल 246 बालक-बालिकाओं ने पाटीर्सिपेट किया। वही राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा में अबतक 122 खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाकर नेशनल मैडल 16, सिल्वर 7 और बो्रंज 09 शामिल है। वही मुख्यमंत्री ट्राफी वर्ष 2021 में रमिता सोरी व नेहा मरकाम के साथ ही कोच त्रिलोचन को दिया गया। वहीं वर्ष 2021 में खिलाड़ी जितेंद्र देवांगन अंतराष्ट्रीय स्पर्धा में शामिल होकर गोल्ड मैडल अपने नाम किया था।
CG News: आईटीबीपी के हवालदार त्रिलोचन मोंहता व अन्य जवानों के द्वारा अपने उच्चधिकारियों के निदेर्शन में दिये जा रहे प्रशिक्षण के चलते अब घोर माओवादी इलाकों में रहने वाले बच्चें व युवा जिला मुख्यालय आकर इसका प्रशिक्षण ले रहे है। प्रशिक्षाणिर्यों की मेहनत और लगन को देखते हुए (chhattisgarh news) जहां आईटीबीपी के डीआईजी राणा यशवीर सिह के साथ ही जिला प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं के द्वारा इन प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं के लिए पूरा सहायोग करने में कोई कमी नहीं कर रहा।
यहां प्रशिक्षण लेने वाले आधे से ज्यादा युवा आदिवासी वर्ग से हैं जो अपनी तीरंदाजी कला का बेहतर प्रदशर्न कर अपनी प्रतिभा का लोहा विभिन्न स्तरों पर मनवा रहे है। पिछले दिनों कोण्डागांव के एक तिरंदाज रंजू सोरी का जिक्र प्रधानमंत्री ने रेडियो कायर्क्रम मन की बात में किया था।
Updated on:
07 Jan 2025 04:50 pm
Published on:
07 Jan 2025 04:49 pm
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