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ये कैसी योजना: लाखों की लागत से बने गौठान खाली, श्मशान में लग रहा मवेशियों का जमावड़ा

Godhan Nyay Yojana: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा 20 जुलाई 2020 को छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना के माध्यम से पशुपालकों से उचित दाम पर गोबर की खरीद की जाती है एवं उस गोबर का गौठान में वर्मी कंपोस्ट का निर्माण किया जाता है।
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कोंडागांव

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Bhupesh Tripathi

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Updated: 4 Dec 2022, 1:43 PM IST

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श्मशान में लग रहा मवेशियों का जमावड़ा

Godhan Nyay Yojana: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा 20 जुलाई 2020 को छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना के माध्यम से पशुपालकों से उचित दाम पर गोबर की खरीद की जाती है एवं उस गोबर का गौठान में वर्मी कंपोस्ट का निर्माण किया जाता है। लेकिन कई जगहों पर बने गौठान की दशा कुछ और ही स्थिति बयां करती है।

न जाने सरकार की यह कौन सी योजना है जिसमें मवेशियो को श्मशान पहुँचा दिया और गौठान खाली पड़े है। यह पूरा मामला नगर पंचायत केशकाल के मुक्तिधाम और गौठान का है जहाॅ शनिवार की दोपहर यह नजारा देखने को मिला। राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक गौठान जिसे जिला प्रशासन ने भी सर्वोपरि प्राथमिकता मानकर चल रहा है। जिस गौठान के डेव्हलपमेंट के लिए लाखो रूपए खर्च किए जा चुके है। वहाॅ मुख्यद्वार ही बंद है और मवेशियां नजर नहीं आ रही, लेकिन वहाॅ से कुछ ही दूरी पर स्थित शमशान में जहाॅ प्रवेशद्वारा खुला है और यहाॅ मवेशिया आराम से बैठे नजर आ रहे है।

आपको बता दें कि, मुक्तिधाम व गौठान दोनो ही रास्ते पर पड़ता है जहाॅ से रोजाना बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पयर्टक टाटामारी की प्राकृतिक छटा को निहारने जाते है। शायद इस राह से शनिवार को गुजरने वाले हर पयर्टक को मन में यह जरूर विचार आया होगा आखिर यह सरकार की कौन सी योजना है जो यहाॅ संचालित हो रही है।

गौठान से आप क्या समझते हैं?
गोधन न्याय योजना (godhan nyay yojana) के तहत गांवों में पशुधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए गौठान का निर्माण किया गया है। अभी तक राज्य के 2200 गांवों में गौठान का निर्माण हो चुका है। इसके साथ ही 2800 गाँव में गौठान का निर्माण किया जा रहा है।