
बस्तर में अनोखी शादी (photo source- Patrika)
Viral Wedding: कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बैलगांव में एक अनोखा विवाह चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां एक युवक ने दो युवतियों के साथ एक ही मंडप में, पूरे सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लिए। ग्रामीणों के अनुसार, तीनों परिवारों की सहमति और समाज के बुजुर्गों के आशीर्वाद से यह निर्णय लिया गया, ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो।
ग्राम बैलगांव के रहने वाले हितेश यादव ने फुलबती और यामिनी नाम की दो युवतियों के साथ एक ही समय पर विवाह किया। खास बात यह रही कि यह शादी किसी छुपाव या विवाद के बीच नहीं, बल्कि तीनों परिवारों की सहमति और समाज के बुजुर्गों की मौजूदगी में संपन्न हुई। हालांकि, मुख्यधारा के कानून के अनुसार इस प्रकार का विवाह मान्य नहीं है, लेकिन स्थानीय परंपराओं के चलते इसे सामाजिक स्वीकृति दी गई।
विवाह कार्ड के अनुसार, दूल्हा हितेश (पुत्र गजेंद्र यादव, ग्राम बैलगांव) हैं। उनकी पहली दुल्हन फुलबती (पुत्री स्व. बुद्धुराम नाग, ग्राम शंकरपुर) और दूसरी दुल्हन यामिनी (पुत्री स्व. भावसिंह देहारी, ग्राम बनियागांव) हैं। यह विवाह सामाजिक सहमति के साथ 23 मार्च 2026 को मंडपाच्छादन व हल्दी और 24 मार्च 2026 को पाणिग्रहण, लगन व आशीर्वाद समारोह के साथ संपन्न हुआ।
ग्रामीणों के अनुसार, इस विवाह का फैसला आपसी सहमति और भविष्य में किसी विवाद से बचने के उद्देश्य से लिया गया। स्थानीय समाज के बुजुर्गों ने भी इस संबंध को मंजूरी दी और इसे पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत संपन्न कराया। ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह का निर्णय सामाजिक संतुलन और आपसी समझ के आधार पर लिया गया, इसलिए इसे गांव में स्वीकार कर लिया गया।
हालांकि भारतीय कानून के अनुसार एक समय में एक से अधिक विवाह (जब तक विशेष परिस्थितियां न हों) मान्य नहीं है। ऐसे मामलों में हिंदू विवाह अधिनियम के तहत दूसरी शादी अवैध मानी जाती है। इसके बावजूद, देश के कुछ आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में परंपराएं और सामाजिक मान्यताएं कई बार कानूनी प्रावधानों से अलग रास्ता अपनाती हैं। बैलगांव का यह मामला भी उसी परंपरा और सामाजिक स्वीकृति का उदाहरण माना जा रहा है।
विवाह कार्ड के अनुसार, दूल्हा हितेश (पुत्र गजेंद्र यादव, ग्राम बैलगांव) हैं। उनकी पहली दुल्हन फुलबती (पुत्री स्व. बुद्धुराम नाग, ग्राम शंकरपुर) और दूसरी दुल्हन यामिनी (पुत्री स्व. भावङ्क्षसह देहारी, ग्राम बनियागांव) हैं। यह विवाह सामाजिक सहमति के साथ 23 मार्च 2026 को मंडपाच्छादन व हल्दी और 24 मार्च 2026 को पाणिग्रहण, लगन व आशीर्वाद समारोह के साथ संपन्न हुआ।
Updated on:
27 Mar 2026 01:09 pm
Published on:
27 Mar 2026 01:05 pm
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