
पैन कार्ड फ्रॉड का शिकार CRPF जवान! ठगों ने खोली फर्जी कंपनी, IT ने भेजा 10.51 करोड़ों का नोटिस...(photo-patrika)
CG Fraud News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर कोरबा में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। निवेशकों को बिना बताए क्रिप्टो करेंसी यो एक्सचेंज की वेबसाइड बंद हो गई है। इस एक्सचेंज में कोरबा के निवेशकों का करीब १० करोड़ रुपए डूब गए हैं। यो एक्सचेंज से जुड़े प्रमोटरों ने अपना मोबाइल नंबर बंद कर दिया है। इससे निवेशकों में अफरा तफरी मची हुई है।
निवेशकों की शिकायत पर पुलिस ने सिविल लाइन थाना (चौकी सीएसईबी) में यो एक्सचेंज से जुड़े प्रमोटरों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। अब पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती प्रमोटरों को गिरफ्तार करने की है। बताया जाता है कि रांची झारखंड का रहने वाला दिलेश्वर मुंडा ने ऑनलाइल क्रिप्टो करेंसी यो एक्सचेंज के बारे में जानकारी कोरबा में रहने वाले एजाजुल हक, जगन्नाथ प्रसाद बरेठ और प्रदीप विश्वकर्मा सहित 10 लोगों को दिया।
19 जून, 2025 को यो एक्सचेंज कंपनी से जुड़े मोहम्मद सादाब अंसारी और दिलेश्वर मुंडा कोरबा पहुंचे। यहां एक होटल में रूके। मुंडा ने अपने परिचित लोगों को फोन किया। 20 जून को कोरबा एक होटल में एक बैठक हुई। इसमें सादाब और मुंडा ने कोरबा के लोगों को क्रिप्टो करेंसी यो एक्सचेंज के बारे में बताया।
दोनों ने लोगों से कहा कि यो एक्सचेंज पूर्ण रुप वैध है। इसे क्रिप्टो ऑडिट कंपनी ने प्रमाणित किया है। मुंडा और अंसारी ने लोगों को यहां तक कहा कि यो एक्सचेंज में लोगाें का पैसा पूर्णत: सुरक्षित है। लॉकिंग पिरियड भी नहीं है। निवेशक जब चाहें रुपए निकाल सकते हैं।
उन्होंने 30 फीसदी मासिक लाभांश का वादा भी किया। दोनों कोरबा से भिलाई चले गए। इसके बाद एक अगस्त, 2025 को मलेशिया में यो एक्सचेंज का शुभारंभ किया गया। बताया गया कि जो भी दो लाख 70 हजार रुपए निवेश करेंगा, उसे अक्टूबर में दुबई भ्रमण कराया जाएगा। यह सुनकर निवेशक, सादाब और मुंडा के झांसे में आ गए।
उन्होंने क्रिप्टो करेंसी यो एक्सचेंज में निवेश करना शुरू किया। अल्प अवधि में ही कंपनी की वेबसाइड पर निवेशकों की संख्या 13 लाख बताई गई और यो एक्सचेंज की वैल्यू करीब 120 करोड़ रुपए दिखाई गई। इसी अवधि में कंपनी और इससे जुड़े प्रमोटर अलग- अलग शहरों का भ्रमण करते रहे। उन्होंने लोगों से करोड़ाें रुपए निवेश कराया।
इसी बीच अचानक छह सितंबर को यो एक्सचेंज की वेबसाइड बंद हो गई। निवेशकों की जमा राशि गायब हो गई। इससे निवेशकों में अफरा तफरी मचा हुआ है। लोग अपने पैसे लौटने की उम्मीद में पुलिस से गुहार लगा रहे हैं। वहीं प्रमोटर भी गायब हैं।
यो एक्सचेंज जब बंद हुआ तो निवेशकों ने प्रमोटरों से सम्पर्क किया। निवेशकों को बताया गया कि यो एक्सचेंज पर बड़ा साइबर अटैक हुआ है। लेकिन जब निवशकों ने इस संबंध में प्रमाण मांगा तो प्रमोटरों ने देने से मना कर दिया। निवशकों का कहना है कि उनका मूलधन और लभांश नहीं मिल रहा है। प्रमोटरों ने अपना मोबाइल नंबर बंद कर लिया है।
इस बीच पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। घटना को लेकर कोरबा के 46 निवेशकों ने पुलिस से शिकातय की है। इसके आधार पर यह केस दर्ज कर किया गया है।
Updated on:
04 Oct 2025 01:36 pm
Published on:
04 Oct 2025 01:35 pm
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