
इस बात को लेकर लोगों ने कुसमुण्डा जीएम दफ्तर के गेट पर जड़ दिया ताला, सात घंटे तक प्रदर्शन, पढि़ए खबर...
कोरबा. सर्वमंगला चौक से ईमलीछापर चौक तक की सड़क को फोरलेन में तब्दील करने की मांग को लेकर कांग्र्रेस ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया। जर्जर सड़क (Shabby Road) से नाराज लोगों ने महाप्रबंधक कार्यालय के प्रवेश द्वार पर ताला जड़ दिया। लगभग सात घंटे तक लोगों ने गेट के बाहर धरना प्रदर्शन (Performed) किया। प्रशासन की मध्यस्थता में प्रदर्शनकारियों की प्रबंधन के साथ बातचीत हुई। इसमें प्रबंधन सड़क को आठ मीटर और चौड़ा करने पर राजी हुआ।
सर्वमंगला चौक से ईमलीछापर कुसमुंडा सड़क उखड़ गया है। इससे लेकर स्थानीय लोग काफी आक्रोशित हैं। शुक्रवार को लोगों ने कांग्रेस के साथ मिलकर कुसमुंडा के जीएम दफ्तर का घेराव किया। कार्यालय के प्रवेशद्वार के बाहर टेंट लगाकर प्रदर्शनकारी बैठ गए। प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। आक्रोशित लोगोंं ने कार्यालय के मेन गेट पर ताला लगा दिया। इससे कार्यालय में कर्मचारी फंस गए। कर्मचारी न तो अंदर से बाहर हो सके और ना ही बाहर से अंदर।
दोपहर डेढ़ बजे तक स्थानीय लोगों का धरना प्रदर्शन (Performed) जारी रहा है। प्रबंधन से जुड़े अधिकारी हरकत में नहीं आए। लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के मेनगेट से भीतर घुसने की कोशिश की। इसे पुलिस ने केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों के साथ मिलकर असफल कर दिया। प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा बलों के साथ नोंकझोंक भी हुई।
दोपहर बाद कुसमंडा परियोजना के जीएम रंजन साह कार्यालय पहुंचे। कटघोरा एसडीएम अजय उरांव की मध्यस्थता में प्रदर्शनकारियों की कुसमुंडा जीएम रंजन साह के साथ वर्ता हुई। इसमें प्रबंधन सड़क को चौड़ा करने पर राजी हुआ। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता अमरजीत सिंह, सनीश कुमार, गीता गभेल सहित सैकड़ोंं की संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।
कोल परिवहन बाधित
धरना प्रदर्शन (Performed) से एसईसीएल की कुसमुंडा खदान (Kusmunda Mines) से होने वाला कोयला परिवहन भी बाधित हुआ। खदान से कुसमुंडा भिलाई बाजार के रास्ते हरदीबाजार की ओर जाने वाली गाडिय़ां नहीं चली। सड़क मार्ग से कोयला परिवहन (Coal transportation) भी लगभग सात घंटे तक बाधित रहा।
मांगों को नजरअंदाज करता रहा प्रबंधन
इस मार्ग पर छोटे बड़े कई गड्ढे बन गए हैं। बारिश में गड्ढों में पानी भर गया था। इससे सड़क पर चलने वाले यात्री दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। सड़क मरम्मत की मांग स्थानीय लोग और कांग्रेस के कार्यकर्ता कई बार एसईसीएल प्रबंधन से कर चुके हैं। कई बार ज्ञापन भी दिए हैं, लेकिन प्रबंधन मांगों को नजरअंदाज करता रहा है। इससे प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है।
मार्ग से प्रबंधन करता है कोयला परिवहन
इस मार्ग से कुसमुंडा, दीपका और गेवरा खदान से कोयले का परिवहन होता है। भारी गाडिय़ों के चलने से मार्ग उखड़ जाता है। लेकिन इसकी मरम्मत प्रबंधन नहीं कराता है। इस जर्जर सड़क पर हर साल आधा दर्जन से अधिक राहगिरों की मौत भी हादसों में होती है। इसके बाद भी प्रबंधन स्थानीय लोगों की मांग की उपेक्षा करता है।
कोयलांचल को जोडऩे वाला प्रमुख मार्ग
कोरबा को कुसमुंडा, दीपक, गेवरा, हरदीबाजार और बांकीमोंगरा से जोडऩे वाला यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। इस मार्ग से होकर लोग जिला मुख्यालय आना जाना करते हैं। खदान से आसपास रहने वाले लोग
-फोरलेन (Forelane) की प्रक्रिया एसईसीएल प्रबंधन के समक्ष लंबित है। इससे स्थानीय लोग नाराज हैं। प्रबंधन ने सड़क चौड़ीकरण (Road widening) के लिए टेंडर की प्रक्रिया एक माह के भीतर सुनिश्चत करने का आश्वासन दिया है। कार्य में तेजी आने की उम्मीद है- अजय उरांव, एसडीएम, कोरबा
Published on:
02 Aug 2019 07:54 pm
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