
क्रेडिट कार्ड वेरिफिकेशन की बात कही। कर्मचारी ठगों के झांसे में आ गया। उसने कॉलर को क्रेडिट कार्ड का नंबर बता दिया। इसके बाद कॉलर ने तांत्रिक प्रसाद को मोबाइल पर जारी की गई वन टाइम पासवर्ड भी बताने के लिए कहा। तांत्रिक ने पासवर्ड भी बता दिया।
इसके बाद तांत्रिक के बैंक खाते से एक लाख 25 हजार रुपए आहरण होने की सूचना मोबाइल पर आई। तांत्रिक ने ११ मई को घटना की शिकायत दर्री थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। थाना प्रभारी साधना सिंह ने बताया कि कर्मचारी ने घटना के तुरंत बाद सूचना दी होती तो उसके पैसे मिल सकते थे। घटना को एक साप्ताह पूरा हो गया है। पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है।
नहीं चेत रहे लोग
आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आ रही है। पुलिस द्वारा भी ठगों से सावधान होने लगातार जागरूकता अभियान चलाई जा रही है। इसके बावजूद भी लोग ठग के झांसे में आ रहे हैं। लोगों को जागरूकता अभियान के दौरान बार-बार बताया जा रहा है कि बैंक उपभोक्ताओं से क्रेडिट कार्ड का नंबर या एटीएम नंबर फोन पर नहीं मांगा जाता है, इसके बाद भी लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं।
Published on:
12 May 2018 09:01 pm
