
उमस भरी गर्मी बिगाड़ रही सेहत, हफ्ते भर में ठीक नहीं हो रहे वायरल फीवर के मरीज(photo-patrika)
CG News: छत्तीसग्रह के कोरबा जिले में मौसम में हो रहा बदलाव सेहत पर भारी पड़ रहा है। कभी बारिश तो कभी धूप के कारण वातावरण में नमी की वजह से उमस भरी गर्मी लोगों का पसीना छुड़ा रही है। यही गर्मी स्वास्थ्य भी खराब कर रही है। अचानक अस्पतालों में मरीजाें की संया बढ़ गई है।
कोरबा मेडिकल कॉलेज में ही रोजाना एक हजार के करीब बीमार लोग पहुंच रहे हैं। इसमें 40 से 50 फीसदी मरीज मौसमी बीमारी से पीड़ित हैं। उन्हें बुखार, सर्दी, खांसी परेशान कर रही है। वायरल फीवर के मरीज जल्द ठीक नहीं हो रहे हैं। दवा लेने के बाद भी वायर बुखार से लोगाें को पांच से सात दिन में राहत मिल रही है।
मौसमी बीमारी शरीर को भी तोड़ रही है। इससे बदन में दर्द और थकावट महसूस हो रहा है। इससे मरीज परेशान हैं और डॉक्टरों के यहां लाइन लगा रहे हैं, चाहे सरकारी अस्पताल हो या निजी। इस मौसम में हर डॉक्टर के अस्पताल में मरीजों की कतार है। बच्चों के डॉक्टरों को तो सामान्य से अधिक मरीज देखना पड़ रहा है। शहर में कुछ चुनिंदा डॉक्टर ऐसे हैं जो अकेले रोजाना सवा सौ से ज्यादा बच्चों का अपने निजी क्लीनिक में इलाज कर रहे हैं।
शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा में इस हते लगभग पांच हजार मरीजों ने ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) और आईपीडी (अंत: रोगी विभाग) में इलाज कराया है। यह स्थिति मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ही नहीं, बल्कि इतवारी बाजार स्थित उप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ ही कटघोरा, दीपका, पाली, पोड़ी उपरोड़ा व करतला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संया में इजाफा हुआ है। अस्पताल में पहुंचने वाले ज्यादातर मरीज मौसमी बीमारी की जद मे हैं।
कोरबा विकासखंड के चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक राज ने बताया कि बारिश के मौसम में तापमान में उतार-चढ़ाव होने से वायरस का प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य पर अधिक पड़ता है, वह सर्दी या लू का शिकार हो जाता है। इसमें मौसम बड़ा कारण है। वातावरण में नमी अधिक होने से उमस के कारण वायरस तेजी से फैलता है।
संपर्क में आने से दूसरों को भी संक्रमित करता है। वायरस के कारण बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित इसलिए होते हैं क्योंकि उनके शरीर में जवान व्यक्ति की तरह रोग प्रतिरोधक क्षमता नहीं होती है। मौसमी बीमारी से बचने के लिए लोगों को संपर्क का दायरा सीमित रखना चाहिए।
तिथि ओपीडी आईपीडी
25 अगस्त 974 85
26 अगस्त 242 62
27 अगस्त 391 83
28 अगस्त 1049 109
29 अगस्त 91197
30 अगस्त 700 69
कुल रोगी4269 508
● बेहतर स्वच्छता का उपयोग करें। बार-बार साबुन से हाथ धोना चाहिए।
● नाखूनों को हमेशा छोटा और साफ रखना चाहिए।
● पानी को उबालकर पीएं।
●बाहर के खानपान के बजाए घर में ताजा भोजन ले।
● मसालेदार भोजन का सेवन से बचें।
● सब्जियों तथा फलों को धोकर उपयोग करें।
रानी धनराजकुंवर उप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी मरीजों संख्या अचानक से बढ़ गई है। एक सप्ताह के भीतर रोजाना लगभग 350 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें से 50 फीसदी मरीज वायरल फीवर से परेशान हैं।
Published on:
31 Aug 2025 04:23 pm
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