
अगले सप्ताह दिवाली, 1000 हितग्राहियों को नहीं मिल सकेगी
कोरबा. पिछले दो साल से आशियाने का सपना संजोए बैठे हितग्राहियों को इस दिवाली (Diwali) में मकानों की चाबी नहीं मिल सकेगी। कॉलोनी तैयार करने में देरी की वजह से अब कुछ महीने और इंतजार करना पड़ सकता है। अधिकारियों के मुताबिक जनवरी में ही मकान मिल सकेगा।
हाउसिंग फॉर ऑल स्कीम के तहत कोरबा शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पांच जगहों पर कॉलोनी का निर्माण निगम द्वारा कराया जा रहा है। 2017 में काम शुरु किया गया था। 2019 अप्रैल तक हितग्राहियों को मकान मिल जाना था। मकानों का निर्माण तो निगम ने तय समय पर पूरा कर लिया था, लेकिन कॉलोनी की दूसरी सुविधाओं के लिए देरी अब हितग्राहियों पर भारी पडऩे लगी है। कॉलोनी में सड़क, बिजली, पेयजल समेत अन्य विकास कार्य अब भी चल रही है। बीच में कुछ माह बारिश की वजह से रेत नहीं मिलने की वजह से काम रोक दिया गया था। इस वजह से तीन माह अब और विलंब से कॉलोनी तैयार होगी।
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पूर्व में कहा गया था कि हर हाल में दिवाली से पहले हितग्राहियों को चाबी दे दी जाएगी। लोगों ने इसके लिए तैयारी भी कर रखी थी। दीपोत्सव को लेकर सिर्फ एक सप्ताह ही शेष है। ऐसे में हितग्राही अधिकारियों, पार्षद से जानकारी ले रहे हैं, लेकिन अब उन्हें तीन माह का इंतजार और करने को कहा जा रहा है। इस दीवाली (Deepawali) हितग्राहियों को खुशियों की चाबी नहीं मिल सकेगी।
मकानों की संख्या कम, वार्ड से किस परिवार को मिलेगा मकान इस पर संशय
जिन पांच जगहों पर मकानों का निर्माण कराया जा रहा है। वहां पर हितग्राहियों को लेकर संशय की स्थिति भी है। दरअसल वार्डों में एक साथ सैकड़ों लोगों ने मकान के लिए आवेदन किया था। इनमें से किनको मकान मिलेगा या नहीं। यह अब भी स्पष्ट नहीं है। किस वार्ड के लोगों को मिलेगा यह भी स्पष्ट नहीं है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि हमारे पास पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार है। जब भी मकान आबंटन की प्रक्रिया शुरु होगी तो विवाद की स्थिति निर्मित जरुर होगी। निकाय चुनाव को लेकर पार्षद व दावेदार भी वोटों की राजनीति के लिए हंगामा कर सकते हैं। इसलिए इस पूरी प्रक्रिया को निकाय चुनाव के बाद करने की तैयारी निगम ने की है। नए महापौर के हाथों ही मकानों की चाबी मिल सकेगी।
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67 वार्ड में 93 स्थायी स्लम बस्ती
दिल्ली की टीम ने सर्वे रिपोर्ट के हिसाब से कोरबा में 67 वार्ड में से 93 स्थायी स्लम बस्तियां है। इनमें तीन रेलवे की जमीन पर, तीन सिंचाई विभाग, वन विभाग की जमीन पर दो तो शेष राज्य सरकार की जमीन पर काबिज है। इनमें सबसे अधिक मकान बनाने के लिए जिन बस्तियों के लोगों ने मांग रखी है उसमें से सर्वमंगलापारा, रामसागरपारा, तुलसीनगर, राताखार, पटेलपारा, मोतीसागरपारा, मुड़ापार, राजीवनगर, परसाभाठा, भदरापारा, नेहरूनगर, बांकीमोंंगरा सहित अन्य बस्तियां है।
तीन फ्लोर, सारी सुविधाएं भी
अपार्टमेंट में फ्लैट का निर्माण तीन फ्लोर में किया गया है। इसमें 2 कमरे, किचन, शौचालय व बाथरूम बनाया जा रहा है। कमरों में टाइल्स भी लगाया जा रहा है। पार्किंग के लिए भूतल में जगह छोड़ी गई है।
-कॉलोनियों का निर्माण तेजी से चल रहे हैं। मकान तैयार हो गए हैं। सड़क, बाउंड्रीवाल और बिजली-पानी का काम चल रहा है। जनवरी तक मकान तैयार हो जाएंगे। किन हितग्राहियों को मकान देना है। इसकी सूची तैयार है। एक बार फिर सर्वे कर हितग्राहियों का मिलान किया जा रहा है। एके शर्मा, कार्यपालन अभियंता, नगर निगम कोरबा
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Published on:
18 Oct 2019 11:45 am
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