22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

62 साल की इस नपा पर 15 साल बैठाए गए प्रशासक, 1 साल से एसडीएम के हाथ में बागडोर

Baikunthpur Nagarpalika Story: समय पर चुनाव नहीं होने से करीब 3 पंचवर्षीय कार्यकाल प्रशासकों ने चलाया, एक साल से एसडीएम (SDM) संभाल रहे कामकाज, कोरोना संक्रमण काल (Corona period) के कारण वर्ष 2020 में नहीं हो पाया था नगरीय निकाय चुनाव, वर्ष 2009 में 8 माह के लिए दिया गया था एक्सटेंशन

3 min read
Google source verification
Baikunthpur Nagarpalika

Baikunthpur Nagarpalika Story

बैकुंठपुर. Baikunthpur Nagarpalika Story: नगर पालिका बैकुंठपुर में सही समय पर चुनाव नहीं होने से यहां पांचवी बार प्रशासक बैठाए गए हैं। पिछले 1 साल से नगरपालिका की बागडोर एसडीएम के हाथों में है। गौरतलब है कि 62 साल की इस नगर पालिका में प्रशासक का कार्यकाल 15 वर्ष गुजरा है, यानी 3 पंचवर्षीय कार्यकाल के बराबर है। यदि सही समय पर चुनाव होते तो जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधी काम संभालते। वर्ष 1936 से 1953 तक राजा साहब शासक के तौर कामकाज संभालते थे, पहली बार 1954 में बैकुंठपुर नगरपालिका में चुनाव हुआ था। ओहदा घटने के कारण नगरपालिका को नगर पंचायत बना दिया गया था, बाद में वर्ष 2010 में ही आसपास के करीब 7 गांव को निकाय में जोड़कर नगर पंचायत से नगर पालिका बनाया गया था।


अप्रैल 1936 से 1953 तक राजा साहब शासक के तौर कामकाज संभालते थे। वर्ष 1954 में पहली बार नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर में चुनाव हुआ और बीडी गुप्ता पहले नपाध्यक्ष निर्वाचित हुए और जनवरी 1954 से 1968 तक यानी तीन पंचवर्षीय कार्यकाल (लगातार 3 बार अध्यक्ष निर्वाचित) पूरा किए थे। वर्ष 1968 में चुनाव नहीं होने के कारण पहली बार प्रशासक बैठाए गए थे। जिनका कार्यकाल जनवरी 1969 से 1971 (3 साल) रहा।

फिर निकाय चुनाव होने के बाद शंभूदयाल शर्मा अध्यक्ष बने और 1972 से 1976 तक कार्य किए थे। उसके बाद वर्ष 1977 में सुभाष चंद्र गुप्ता, वर्ष 1982 में राघवभान सिंह अध्यक्ष निर्वाचित हुए। वर्ष 1985 में चुनाव नहीं होने के कारण एसडीएम को बतौर प्रशासक बनाए गए। जिनका सबसे अधिक लंबा कार्यकाल 10 साल था। वर्ष 1994 में नगर पालिका का ओहदा घटा और नगर पंचायत बना दिया गया। वर्ष 1995 में डॉ. जमीर हुसैन नगर पंचायत के पहले अध्यक्ष निर्वाचित हुए। फिर वर्ष 2000 में किशोरी गुप्ता, 2005 में तीरथ गुप्ता अध्यक्ष बने थे, लेकिन उनका कार्यकाल अगस्त 2010 में खत्म हो गया।

IMAGE CREDIT: Baikunthpur

चौथी बार तहसीलदार बैकुंठपुर को प्रशासक के रूप में बैठाया गया। जिनका कार्यकाल सबसे कम 4 महीने तक रहा। हालांकि 15 साल बाद ओहदा बढ़ा और नगर पालिका बना दिया गया। निकाय चुनाव होने के बाद वर्ष 2011 में शैलेष शिवहरे, वर्ष 2016 में कांग्रेस जायसवाल अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे।

Read More: भाजपा ने चुनाव बहिष्कार का फैसला लिया वापस, अंतिम दिन सभी प्रत्याशियों ने दाखिल किया नामांकन


कोरोना संक्रमण से फिर चुनाव टला, 5वीं बार प्रशासक को जिम्मेदारी
नगर पालिका बैकुंठपुर वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण के कारण आम चुनाव नहीं होने के कारण पांचवी बार एसडीएम बतौर प्रशासक बनाए गए हैं। बैकुंठपुर एसडीएम जनवरी 2020 से अब तक कार्यरत हैं। करीब एक साल से नपा का कामकाज की बागडोर संभाले हुए हैं। कोरिया का बैकुंठपुर पहला नगरीय निकाय है। जिसमें सबसे अधिक पांचवी बार प्रशासक बैठाए गए हैं।


नपाध्यक्ष का पहली बार 8 माह कार्यकाल एक्सटेंशन हुआ था
वर्ष 2004 के नगरीय निकाय चुनाव में स्व. तीरथ गुप्ता अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। उनका कार्यकाल जनवरी 2005 से अगस्त 2010 तक रहा। हालांकि उनका कार्यकाल दिसंबर 2009 में खत्म होना था, लेकिन राज्य सरकार की ओर अध्यक्ष के कार्यकाल को पहली बार एक्सटेंशन दिया गया था। जनवरी से अगस्त 2010 एक्सटेंशन अवधि में उन्होंने कार्य किया था। वर्ष 2010 में ही आसपास के करीब 7 गांव को निकाय में जोड़कर नगर पंचायत से नगर पालिका बनाया गया था।

Read More: इन 2 नगरीय निकाय में चुनाव का भाजपा-कांग्रेस समेत सभी दलों ने किया बहिष्कार, नहीं लेने पहुंचे नामांकन फार्म


इतने प्रशासक कार्य कर चुके हैं
अध्यक्ष जनवरी 1969 से दिसंबर 1971
एसडीएम जनवरी 1985 से दिसंबर 1989
एसडीएम जनवरी 1990 से दिसंबर 1994
तहसीलदार सितंबर 2010 से दिसंबर 2010
एसडीएम जनवरी 2020 से अब तक

By- Yogesh Chandra