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गलती तो थी बर्खास्त करने लायक लेकिन सस्पेंड तक ही फिलहाल सिमट गया मामला

नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला था तो न्यायालय ने 2002 में जल प्रभारी को 500 रुपए जुर्माना से किया था दंडित
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कोरीया

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 21 Sep 2017, 3:41 PM IST

Nagar Nigam Chirimiri

Chirimiri Corporation

बैकुंठपुर/चिरिमिरी. नगर निगम आयुक्त ने बुधवार को निगम के जल प्रभारी को निलंबित कर दिया है। जल प्रभारी पर नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर वर्ष 2002 में न्यायालय ने 500 रुपए का जुर्माना लगाया था। वहीं मामले में जांच करने टीम का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।


नगर निगम आयुक्त ने जल प्रभारी के तौर पर कार्यरत चन्द्रिका तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब तीन दिन में प्रस्तुत करने का अल्टीमेटम दिया है। निर्धारित समय तक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर नगर निगम शिकायत को सही मानकर कार्यवाई करने की चेतावनी दी गई थी।

मामले में जल प्रभारी ने निर्धारित समय पर अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया था, लेकिन आरोप को छिपाने और निगम अधिनियम को ध्यान में रखकर निगम आयुक्त ने जल प्रभारी को तत्काल निलंबित कर दिया है। गौरतलब है कि भाजपा की बेटी बचाव बेटी पढ़ाओ प्रकोष्ठ चिरमिरी मण्डल संयोजक चमेली पांडेय ने नगर निगम चिरमिरी जल प्रभारी तिवारी पर गंभीर आरोप लगाकर तत्काल सेवा से मुक्त करने व सेवाकाल में बनाई संपत्ति जब्त करने के लिए निगम आयुक्त को पत्र लिखा था।

साथ ही कार्यवाही नहीं होने पर न्यायालय जाने की बात कही थी। शिकायत में बताया था कि जल प्रभारी के खिलाफ वर्ष 2002 में पोड़ी थाना में धारा 29, 506, 323 का अपराध दर्ज किया गया था। जिसमें न्यायालय द्वारा धारा 323 मे 500 रुपए अर्थ दंड से दंडित किया गया था। अर्थदंड के बावजूद निगम कार्यालय द्वारा पिछले कई वर्षों से पदोन्नति देते हुए लाभ के पदों पर पदस्थ कर दिया गया है।


किया गया है सस्पेंड
प्रार्थी की शिकायत पर जल प्रभारी को नोटिस की तामीली की गई थी और तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया था। हालांकि नोटिस के आधार पर अपना जवाब दिया गया है, लेकिन न्यायालय के आदेश और निगम अधिनियम पर इसे दरकिनार नहीं किया जा सकता है। ऐसे गंभीर आरोपों को छिपा कर रखना भी अपराध की श्रेणी में आता है। इस कारण सस्पेंड किया गया है। मामले में न्यायिक तौर पर बर्खास्त करने का आदेश है, लेकिन उनके कार्य अवधि के दौरान उनके व्यवहार के आधार सस्पेंड की कार्यवाई की गई है। मामले में आगे की कार्यवाई के लिए एक टीम का गठन कर हर बिंदु पर जांच की जाएगी।
डीके शर्मा, प्रभारी आयुक्त नगर निगम चिरिमिरी