19 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हाड़ौती में किसानों को 100 करोड़ का नुकसान, लोकसभा चुनाव में भाजपा-कांग्रेस को झुलसाएगा अन्नदाता का गुस्सा

हाड़ौती में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कडे नि‍यमों के चलते किसान सरसों नहीं बेच पा रहे हैं। इससे हाड़ौती के कि‍सानों को 100 करोड का नुकसान हो चुका है।
2 min read
Google source verification

कोटा

•

image

Zuber Khan

•

Apr 03, 2019

loss to Mustard Crop

44 crores outstanding dues

कोटा। हाड़ौती में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों की खरीद को शुरू हुए एक पखवाड़ा हो गया है, लेकिन नियमों के फेर में किसान सरकारी कांटे पर सरसों नहीं बेच पा रहे हैं। पन्द्रह दिन में भामाशाहमंडी के केन्द्र पर केवल 500 क्विंटल सरसों की खरीद हुई है। इस कारण अब किसानों को औने-पौने दामों पर मंडी में आढ़तियों को सरसों बेचने को विवश होना पड़ रहा है। हाड़ौती में अब तक किसानों को सौ करोड़ से अधिक का नुकसान हो गया है। ऐसे में किसानों में सरकारी व्यवस्था के खिलाफ काफी नाराजगी है। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा-कांगे्रस अन्नदाता के गुस्से का शिकार हो सकती है।

Read More: Patrika .com/kota-news/viral-post-offensive-comments-on-social-media-post-of-kumar-vishwas-4365832/" target="_blank">कुमार विश्वास की पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट: 'मीणा परिवार' के पैर छूकर 'ब्राह्मण समाज' को किया कलंकित

भामाशाहमंडी समेत हाड़ौती की मंडियों में प्रतिदिन औसत चालीस हजार क्विंटल सरसों की आवक हो रही है। सरकारी कांटों पर केवल 15 से 20 किसानों को खरीद के लिए बुलाया जाता है। इसमें भी बमुश्किल तीन-चार किसानों की ही खरीद होती है। संभाग में इस बार खरीद की व्यवस्था पंचायत समितिवार करने के कारण किसान परेशान है साथ ही सरसों खरीद की अधिकतम सीमा 25 क्विंटल निर्धारित की गई है।

Read More: खून से सना रेलवे ट्रेक: चलती ट्रेन के आगे पटरी पर गर्दन रख युवक ने की आत्महत्या, सिर और हाथ धड़ से अलग

एक भामाशाह कार्ड पर एक ही खातेदार से खरीद करने के नियमों के कारण किसान परेशान है। इसके अलावा अन्य नियमों के फेर के कारण किसान समर्थन मूल्य पर सरसों नहीं बेच पा रहे हैं। उप रजिस्ट्रार अजयसिंह पंवार का कहना है कि सभी केन्द्रों पर सरकार की ओर से जारी निर्देशों के तहत खरीद की जा रही है। जिन किसानों को टोकन जारी कर दिए गए हैं, उन्हें फोन पर भी सूचना दी जाती है।

BIG News: भालू ने खाट हिलाकर किसान को जगाया फिर गर्दन दबौच सिर पर मारा पंजा, नाखूनों से किया लहूलुहान

प्रति क्विंटल 800 रुपए का नुकसान

सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4200 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित कर रखा है, जबकि बाजार में सरसों 3200 से 3480 रुपए प्रति क्विंटल बिक रही है। औसत भाव 3400 रुपए प्रति क्विंटल है। किसानों को प्रति क्विंटल 800 रुपए का नुकसान हो रहा है। अब तक कोटा संभाग में छह लाख क्विंटल से अधिक सरसों की आवक हो चुकी है।

सभी केन्द्रों पर सरकार की ओर से जारी निर्देशों के तहत खरीद की जा रही है। जिन किसानों को टोकन जारी कर दिए गए हैं, उन्हें फोन पर भी सूचना दी जाती है।
- अजयसिंह पंवार, उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां कोटा