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मानसून की बेरूखी हाड़ौती के 145 में से 125 बांध-तालाब खाली

- एक पखवाड़े से नहीं हुई बरसात, जल संसाधन विभाग की बढ़ी चिंता - देश के 91 प्रमुख जलाशयों के जलस्तर में 4 प्रतिशत की वृद्धि
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कोटा

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Deepak Sharma

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Updated: 3 Aug 2018, 10:36 PM IST

kota

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कोटा. हाड़ौती में बने 44 बड़े व 101 छोटे तालाब व बांधों में से अभी तक मात्र 20 बांध व तालाब ही लबालब हो पाए हैं। लेकिन अभी भी 125 बांध-तालाब खाली हैं। 26 जून को हाड़ौती में सक्रिय हुए मानसून से लेकर अब तक सबसे ज्यादा 854 एमएम बरसात छबड़ा तहसील क्षेत्र में हुई है। वहीं सबसे कम बरसात गांधीसागर बांध के केचमेंट एरिया की मंदसौर तहसील में 243 एमएम हुई है। एक पखवाड़े से हाड़ौती में बरसात नहीं हुई है। बरसात की स्थिति को देखते हुए मध्यप्रदेश, राजस्थान के जल संसाधन विभाग के अधिकारी चिंता में हैं कि अगर इस साल बांध-तालाब नहीं भरे तो कैसे फसलों को सिंचाई जल उपलब्ध करा पाएंगे।

आधा रह गया उत्तरी क्षेत्र के बांधों का संग्रहित जल

केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार उत्तरी क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान में 18.01 अरब घन मीटर की कुल संग्रहण क्षमता वाले छह जलाशय हैं। जो केन्द्रीय जल आयोग की निगरानी में हैं। इनमें कुल उपलब्ध संग्रहण 5.98 अरब घन मीटर है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 33 प्रतिशत है। गत वर्ष इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 61 प्रतिशत थी।

एक पखवाड़े में 4 फीसदी भरे देश के 91 बांध

केंद्रीय जल आयोग की साप्ताहिक रिपोर्ट के मुताबिक चालू मानसून सीजन में गुरुवार तक देश के 91 प्रमुख जलाशयों में 73.471 अरब घन मीटर जल संग्रहित हुआ। यह इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 45 प्रतिशत है, जबकि 26 जुलाई तक इन जलाशयों में 41 प्रतिशत जल भराव था। एक सप्ताह में इन जलाशयों में 4 फीसदी जल संग्रहित हुआ है। इन 91 जलाशयों की कुल जल संग्रहण क्षमता 161.993 अरब घन मीटर है, जो समग्र रूप से देश की अनुमानित कुल जल संग्रहण क्षमता 257.812 अरब घन मीटर का लगभग 63 प्रतिशत है। इन 91 जलाशयों में से 37 जलाशय ऐसे हैं जहां 60 मेगावाट से अधिक क्षमता की बिजली उत्पादन के पनबिजली बने हुए हैं।
चम्बल के चारों बड़े बांधों की स्थिति

बांध कुल भराव क्षमता वर्तमान स्थिति मानसून सीजन में पानी का भराव बरसात
गांधी सागर 1312 1274.44 5.25 243.30

राणाप्रताप सागर 1157.50 1142.56 4.33 486
जवाहर सागर 980 973.20 0.9 312.30

कोटा बैराज 854 851.60 1.50 333.50

इस साल अभी तक गांधी सागर व राणाप्रताप सागर में साढ़े 4 से साढ़े 5 फीट तक ही पानी की आवक हुई है, जो कि चिंता का विषय है। लेकिन अभी अगस्त, आधा सितम्बर माह बाकी है। इसमें डेढ़ माह में मध्यप्रदेश-राजस्थान में अच्छी की उम्मीद है। साथ ही 15 सितम्बर तक बांध लबालब होने की पूरी उम्मीद है।
- रघुनंदन त्रिवेदी, सचिव, मध्यप्रदेश-राजस्थान अंतरराज्र्यीय नियंत्रण मंडल्