शहर पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने बताया कि विज्ञान नगर निवासी पदम कुमर जैन ने वर्ष 2000 में गुमानपुरा में इन्वेस्टमेंट फाइनेंस कंसलटेंट नाम से एक कार्यालय शुरू किया था। जिसमें उनकी पत्नी आशा जैन प्रोपराइटर थी। वे स्वयं, उनका बेटा मनीष, बहू श्वेता शेयर बाजार का काम कर रहे थे। उन्होंने कई लोगों से शेयर बाजार के नाम पर अपनी कम्पनी में करोड़ों रुपए जमा करवाए। इसके बाद कई लोगों के करोड़ों रुपए के चेक लेकर काम बंद कर कोटा से फरार हो गए। कई लोगों ने उनके खिलाफ गुमानपुरा थाने में धोखाधड़ी और अदालत में चेक अनादरण के मामले दर्ज करवाए। अदालत ने उन्हें भगोड़ा करार देकर स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे।