
अजय हत्याकांड: चाचा ने धंधे से हटाया तो खून का प्यासा बना भतीजा, दुशमन से मिलाया हाथ और कर दिया रिश्तों का कतल
कोटा. शहर के गोबरिया बावड़ी इलाके में शनिवार रात शराब ठेकेदार जितेंद्र गिरी के बेटे अजय की हत्या अवैध शराब के कारोबार पर कब्जा जमाने के लिए की गई थी। चाचा से रंजिश पाले बैठा भतीजा दीपक ने खौफनाक वारदात की साजिश रची और वारदात को अंजाम देने के लिए उसने गैंग तक बना डाली। चाचा को ठिकाने लगाने के लिए भतीजे ने अपने साथियों के साथ मिलकर धमकी दी थी। जबकि, जितेंद्र ने ही अपने भतीजे दीपक को ट्रांसपोर्ट नगर स्थित ठेका संभलाया था। इसके बावजूद वह जितेंद्र के खून का प्यासा बना हुआ था। आखिर क्या थी रंजिश की वजह, जानिए खास रिपोर्ट में....
Murder : कोटा में देर रात शराब ठेकेदार के बेटे को चाकूओं से गोदा, सीना पार कर दिल में लगा खंजर
यूं हुई चाचा-भतीजे में दुश्मनी
जितेंद्र गिरी ने पिछले साल ट्रांसपोर्ट नगर के ठेका अपने भतीजे दीपक नायक को सौंप रखा था, लेकिन उसने इसकी आड़ में अवैध शराब बेचने का धंधा शुरू कर दिया। बुधराज गुर्जर इलाके में कई वारदातें कर चुका है और उसके खिलाफ पुलिस हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी में थी, जिसके चलते उसका आसपास के क्षेत्र में अच्छा खासा खौफ था। उसका फायदा उठाने और शराब के अवैध धंधे को बढ़ाने के लिए दीपक ने बुधराज के साथ हाथ मिला लिया। इन दोनों ने 10-12 लड़के जोड़कर बकायदा गैंग बना लिया। यह गैंग धड़ल्ले से अवैध शराब बेच रहे थे। ठेके में घाटा होने लगा तो जितेंद्र गिरी ने दीपू को हटा दिया। तब से ही दीपक चाचा जितेंद्र को ठिकाने लगाने की फिराक में था लेकिन मौका नहीं मिला तो चचेरे भाई अजय को ही मौत के घाट उतार दिया।
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पसलियों में घुसे चाकू ने ली जान
पुलिस के मुताबिक, अजय पर चाकू से पहला हमला उसे सीने पर किया गया, लेकिन वह बच निकला और इन लोगों को खदेडऩे के लिए उसने पत्थर उठाकर फेंकने की कोशिश की तो दूसरी बार चाकू सीधे उसके सीने में घोंप दिया। चाकू दिल में लगने से अस्पताल पहुंचने से पहले ही अजय की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को अजय का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप अंतिम संस्कार करवा दिया। वहीं रविवार को बुधराज गुर्जर और बिच्छू समेत तीन लोगों को धर दबोचा। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस ने हल्के में लिया और दस दिन बाद हो गई हत्या
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद भी शराब माफिया की गैंग पर सख्त कार्रवाई नहीं की तो उनके हौसले बढ़ गए। जितेंद्र गिरी को सबक सिखाने के लिए इन लोगों ने 20 मई को उसके बेटे अजय पर चाकू और तलवारों से जानलेवा हमला कर दिया था। इस मामले को भी पुलिस ने हल्के में लिया और बुधराज को सिर्फ शांतिभंग में मुचलका पाबंद कर छोड़ दिया। 28 मई की रात को आरोपियों ने गोबरिया बाबड़ी स्थित जितेंद्र गिरी के घर के बाहर खड़ी उनकी कार के कांच तोड़ दिए। इसकी भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कर डाली हत्या
जितेंद्र गिरि ने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ महीने से वह पुलिस से लगातार सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगा रहे थे, लेकिन पुलिस की शह पर आरोपी कदर बेखौफ हो गए कि शनिवार रात करीब दस बजे ट्रांसपोर्ट नगर में अजय को घेर कर उसकी हत्या कर दी।
सभी की खोलेंगे हिस्ट्री शीट
हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है। परिजन अवैध शराब की बिक्री को हत्या की वजह बता रहे हैं, लेकिन पांचों आरोपियों के गिरफ्तार होने के बाद ही असल स्थिति सामने आ सकेगी। तीन लोगों को पकड़ा है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। अजय पर पहले भी इन लोगों ने हमला किया था। इस मामले में बुधराज को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कार्रवाई की थी। बुधराज की हिस्ट्रीशीट खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बाकी सभी आरोपियों की भी हिस्ट्री शीट खोलेंगे।
- नरेंद्र पारीक, सीआई, अनन्तपुरा थाना
Published on:
03 Jun 2019 09:00 am
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