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राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला, सड़कों पर आवारा मवेशी मिलने पर पशुपालकों से वसूला जाएगा 100 गुना जुर्माना

राजस्थान सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए प्रदेश में सड़कों पर आवारा मवेशी मिलने पर पशुपालकों से 100 गुना जुर्माना वसूला व पुलि‍स में मुकदमा दर्ज करवाने के आदेश जारी कर दि‍ए हैं।
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कोटा

•

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Zuber Khan

•

May 11, 2019

Animal husbandry Ban

BIG News: कांग्रेस सरकार का बढ़ा फैसला, राजस्थान में पशु पालने पर दर्ज होगा मुकदमा, लगेगा 100 गुना जुर्माना

कोटा . शहर में आवारा मवेशियों के कारण बीते दो साल में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गई, लेकिन नगर निगम ( Nagar Nigam ) मवेशियों ( stray cattle ) की समस्या को दूर करने में नाकाम रहा। जब कभी आवारा मवेशियों का मुद्दा गर्माता है तो फौरी कार्रवाई कर इतिश्री कर ली जाती है, लेकिन अब निगम प्रशासन की खानापूर्ति नहीं चलेगी। शहरी क्षेत्र को आवारा मवेशियों ( Stray cattle ) से मुक्त करना होगा। शहर में संचालित अवैध डेयरियों को हटाना होगा। पशु पालकों के खिलाफ मामला दर्ज करवाना होगा। पिछले दिनों जयपुर में आवारा मवेशी ने एक विदेशी पर्यटक ( foreign tourist ) की जान ले ली थी। इससे सरकार ( Rajasthan Government ) की काफी किरकिरी हुई।

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हाल ही स्वायत्त शासन विभाग ने कोटा नगर निगम समेत सभी निकायों को आवारा मवेशियों की समस्या को दूर करने तथा एक्शन प्लान तैयार कर इसकी क्रियान्विति के आदेश जारी किए हैं। यदि किसी पशुपालक का पालतू पशु सड़कों पर विचरण करता हुआ पाया गया तो उसकी कीमत जितना जुर्माना वसूल किया जाएगा। जुर्माना सौ गुना तक बढ़ा दिया गया है। साथ ही, संबंधित पशुपालक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी।

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सरकारी फरमान और हकीकत
आदेश : सरकार के आदेश के तहत निगम क्षेत्र सीमा में रिहायशी क्षेत्रों में रखे जा रहे दुधारू पशुओं को चिह्नित किया जाएगा। निगम सीमा से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए आवश्यकता अनुसार पुलिस जाप्ता प्राप्त किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि निकाय की सीमा में किसी भी प्रकार की डेयरी का संचालन नहीं हो।
हकीकत : निगम की ओर से अभी तक अवैध डेयरियों का कोई सर्वे तक नहीं किया गया है, जबकि एक साल पहले बोर्ड बैठक में इसका निर्णय हुआ था।

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एक्शन प्लान : स्वायत्त शासन मंत्री के निर्देश पर नगर विकास न्यास की ओर से अवैध डेयरियों को शहर से दूर शिफ्ट करने की कार्य योजना बनाई जा रही है। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म होने के बाद जमीन तय होगी।
आदेश : निगम सीमा में आवासीय क्षेत्रों में डेयरी का संचालन एवं व्यावसायिक गतिविधियां संचालित नहीं हो सकती हंै। अवैध डेयरियों को स्थानांतरित कर जगह को सीज किया जाए।
हकीकत : न्यास की खाली जमीनों पर व सड़कों के किनारे, नालों में पशु पालकों ने जमावड़ा डाल रखा है। पशुपालकों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।
एक्शन प्लान : नगर निगम की ओर से पशु पालकों का सर्वे शुरू, समझाइश की जा रही है कि शहरी क्षेत्र में पशु पालन नहीं करें।
आदेश : अवैध रूप से डेयरी संचालन करने वाले पशुपालकों के विरुद्ध संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करवाई जाए।
हकीकत : पुलिस थानों के आस-पास ही धड़ल्ले से अवैध डेयरियां संचालित हो रही हैं। निगम कार्रवाई में बौना साबित हो रहा है।
एक्शन प्लान : निगम ने सार्वजनिक सूचना जारी कर दी है कि पशु पालक पालतू पशुओं को खुला नहीं छोड़ें। यदि खुले में विचरण करता पाया जाएगा तो मवेशी पकड़कर कायन हाउस में भेज दिया जाएगा। संबंधित पशु पालक के खिलाफ मामला दर्ज करवाएंगे।

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आदेश : आम रास्तों या सार्वजनिक स्थानों पर विचरण करने वाले आवारा मवेशियों को बिना जुर्माना नहीं छोड़ा जाएगा। टैगिंग की जाएगी।
हकीकत : निगम बोर्ड ने दो साल पहले ही सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों की टैगिंग का निर्णय लिया था, लेकिन आज तक टैगिंग नहीं की।
एक्शन प्लान : पकड़े गए मवेशियों की टैगिंग होगी, इसमें कोड के आधार पर पशु पालाक की पहचान होगी। दूसरी बार मवेशी पकड़ा जाने पर दोगुना जुर्माना वसूलेंगे।

शहर में मवेशियों की धरकपड़ चल रही है। एक पखवाड़े में ही करीब दो सौ मवेशी पकड़ जा चुके हैं। पशु पालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
नरेन्द्र गुप्ता, आयुक्त नगर निगम