
बॉम्बे ब्लड ग्रुप: बारां की मनभर के लिए पुणे से फ्लाइट में कोटा आया खून
कोटा . एमबीएस अस्पताल में भर्ती बारां जिले के किशनगंज क्षेत्र की सहरिया युवती मनभर को ऐसे दुर्लभ रक्त गु्रप की आवश्यकता थी, जो प्रदेश सहित कोटा संभाग के किसी भी ब्लड बैंक में उपलब्ध नहीं था। ऐसे में तीन रक्तदाता समूह ने पुणे से Bombay Blood Group मंगवाकर युवती को चढ़वाया। खास बात यह है कि यह rarest Blood blood है। India में कुछ चुनिंदा लोग ही इस ब्लड गु्रप के हैं।
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जयपुर से सड़क मार्ग से कोटा पहुंचे
पुणे में सुबह 11 बजे रक्तदान हुआ। रक्तदाता समूह के सदस्य पुणे से हवाई मार्ग से जरिए शाम पांच बजे जयपुर पहुंचे। वहां से सड़क मार्ग से कोटा पहुंचे। इस प्रकिया में करीब आठ घंटे का समय लगा। यदि कोटा में Air Services सुचारू होती तो लगभग तीन घंटे में मरीज को ब्लड उपलब्ध करवाया जा सकता था। इस केस में कोटा में हवाई सेवा शुरू नहीं होने की कमी खली।
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एनीमिया व मलेरिया से पीडि़त है मरीज
15 अप्रेल को गांव में आयोजित एक चिकित्सा शिविर में जांच में मनभर (16) एनीमिया पाया गया। साथ ही मलेरिया भी पॉजीटिव आया। 19 अप्रेल को उसने बारां जिला चिकित्सालय में दिखाया और कोटा एमबीएस अस्पताल रैफ र किया। यहां भर्ती कर ब्लड सेम्पल लिया गया तो जांच में बॉम्बे ब्लड गु्रप ओ पॉजिटिव पाया गया। जांच में हीमोग्लोबिन की मात्रा मात्र 4 मिलीग्राम पाई गई। जबकि अमूमन एक स्वस्थ मरीज को 12.2 मिलीग्राम हीमोग्लोबिन होना चाहिए।
मेघा व प्रतीक ने दिया दुर्लभ रक्त
रक्तदान के क्षेत्र में काम करने वाले रक्तदाता समूह ने बाम्बे ब्लड ग्रुप सोसायटी मुम्बई के कॉर्डिनेटर विक्रम यादव से संपर्क किया। पुणे में मेघा व प्रतीक को चिहिन्त किया। उन्होंने रविवार सुबह 11 बजे पुणे ब्लड बैंक में रक्तदान किया। रक्तदाता समूह कोटा के हरजिंदर सिंह, जय गुप्ता, कुशाल जैन व श्वेतांग दीक्षित ने फ्लाइट से जयपुर और वहां से कोटा रक्त पहुंचाने में हरसंभव मदद की।
दूसरा मरीज आया सामने
&जांच में मरीज को बॉम्बे ब्लड ग्रुप पाया गया। कोटा संभाग में इसकी उपलब्धता नहीं होने से रक्तदाता समूह की टीम ने इसका सारा खर्च उठाया और दो यूनिट रक्त की व्यवस्था की है। दो साल पहले बूंदी जिले से एक महिला मरीज भी इसी ग्रुप की पाई गई थी।
डॉ. एचएल मीणा, प्रभारी, ब्लड बैंक, एमबीएस अस्पताल
Published on:
22 Apr 2019 10:00 am
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