
BIG News: एचआरडी मंत्री का बड़ा बयान: अब आइएएस बनने से भी कठिन होगा शिक्षक बनना
कोटा शिक्षा विकास मंच की ओर से रविवार को आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा के रूप में शिक्षकों का सम्मान किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने रविवार को कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता पर हमारा विशेष जोर है। शिक्षक चयन के लिए ऐसे मापदंड बनाएंगे जो आइएएस बनने से भी कठिन होंगे।
शिक्षा सशक्त हथियार है जो कुछ भी बदलाव का हथियार बन सकता है। भारत पूरी दुनिया का विश्व गुरु रहा है। हमारी शिक्षा इसलिए श्रेष्ठ थी, जब विश्व में कहीं भी विश्वविद्यालय नहीं था, तब भारत में नालंदा और तक्षशिला विश्वविद्यालय थे, इसलिए पूरी दुनिया यहां आकर सीखती थी। भारत का जो विजन है, वह पूरी दुनिया में कहीं नहीं है। पूरी दुनिया विश्व को मार्केट समझती है, जबकि भारत इसे परिवार मानता है। जबकि हमारा मानना है कि परिवार में प्यार होता है और मार्केट में व्यापार होता है।
कोटा के लिए अच्छा सोच रहे हैं
एचआरडी मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि कुंदन बनने के लिए तपना पड़ता है, जैसे सोना तपता है। शिक्षक भी साधक बनकर शिष्यों को कुंदन बनाते हैं। शिक्षकों का ऐसा सम्मान देखकर अभिभूत हूं। कोटा के लिए अच्छा सोच रहे हैं और धारीवाल की बात भी इसमें शामिल है। नकारात्मक नहीं होना चाहिए, सकारात्मक रहें, चन्द्रयान-2 की सफ लता 99 प्रतिशत रही। मैं इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई देता हूं। मैं यूके्रन गया, वहां बड़ी संख्या में भारतीय छात्र थे, जब पूछा कि इन्हें विदेशी भाषा में परेशानी नहीं आती तो जवाब मिला कि यहां शिक्षक भी भारतीय ही हैं। यह जानकर खुशी हुई, मैं चाहता हूं कि भारत में अच्छे विश्वविद्यालय हों, जिनकी रैंक देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों में शुमार हो।
Updated on:
09 Sept 2019 11:11 am
Published on:
09 Sept 2019 11:11 am
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