
BIG News: 24 साल का दूल्हा और 15 साल की दुल्हन, फिर क्या-क्या हुआ खेल...पढि़ए जेल तक की पूरी कहानी
कोटा. रावतभाटा के कोलपुरा गांव में बुधवार को उस वक्त हंगामा मच गया जब पुलिस व प्रशासन की कड़ी निगरानी के बावजूद बाल विवाह ( child marriage ) हो गया। प्रशासन की सख्ती के बावजूद परिजनों ने गुपचुप तरीके से विवाह की पूरी तैयारी कर 24 साल के लड़के की 15 साल की लड़की से शादी करवा दी। कानून के लंबे हाथ होने का दावा करने वाली पुलिस को दो घंटे बाद बाल विवाह ( child marriage ) की सूचना मिली। इस पर पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। परिजनों को भी किसी भी वक्त यहां पुलिस के पहुंचने का अंदेशा हो गया।
दूल्हा-दुल्हन को रिश्तेदारों के यहां छिपा दिया और खुद भागने लगे लेकिन पुलिस ने उन्हें गांव से बाहर निकलने से पहले ही दबौच लिया। पूछताछ में उन्होंने बाल विवाह होने से इंकार कर दिया। जब सख्ती दिखाई तो वे टूट गए और मामले का खुलासा हो सका। इसके बाद दूल्हा-दुल्हन के जन्म प्रमाण पत्र व स्कूली दस्तावेज चेक किए तो लड़के की उम्र 24 व लड़की की 15 वर्ष होना पाया। आखिर बाद में पुलिस ने जांच पड़ताल की रस्म निभाई और दूल्हा, पिता और ससुर को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा।
थानाधिकारी राजाराम मीणा ने बताया कि कोलपुरा में बारात मध्यप्रदेश के कानोड़ा कोज्या से आई थी। इसमें दूल्हे बाबूलाल की उम्र 24 वर्ष तथा दुल्हन की उम्र महज 15 वर्ष थी। मुखबिर की सूचना पर तहसीलदार, विकास अधिकारी पुलिस जाप्ते के साथ कोलपुरा पहुंचे। तब तक बाल विवाह हो चुका था। इस पर मौके से दूल्हे, उसके पिता, ससुर सहित पांच जनों के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम में प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद दूल्हे बाबूलाल भील, उसके पिता नन्दलाल, ससुर भोलूराम को गिरफ्तार कर गुरुवार को न्यायालय में पेश किया। जहां से तीनों को जेल भेज दिया।
इधर, बाल विवाह की तैयारी, परिजन पाबंद
कोटा जिले के सुल्तानपुर कस्बे में प्रशासन की सतर्कता से एक बाल विवाह होते-होते बच गया। द्वितीय थानाप्रभारी नारायण सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह सूचना मिली कि उपतहसील कार्यालय के पास मोहनलाल खारवाल की नाबालिग बेटी नेहा के विवाह की तैयारियां की जा रही हैं। इस पर तहसीलदार सत्यनारायण गुप्ता, कानूनगो भैरूलाल शर्मा, हैड कांस्टेबल रामावतार एवं टीम मौके पर पहुंची और बालिका के दस्तावेज मांगे। दस्तावेज में बालिका की जन्मतिथि 1 जनवरी 2004 पाई गई। बालिका के नाबालिग मिलने पर विवाह की तैयारियां रूकवा दी गई। लिखित में समझाइश कर बालिका के माता-पिता को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें बेटी के बालिग होने पर ही विवाह करने को पाबंद किया गया।
तहसीलदार गुप्ता ने बताया कि बालिका का विवाह शोली गांव निवासी राजू खारवाल से 17 मई को होने जा रहा था। सुल्तानपुर बारात आने की तैयारी थी। इस पर दीगोद थाना एसएचओ रामलक्ष्मण गुर्जर, कानूनगो पंकज मंत्री व पटवारी अमित दूल्हे के घर पहुंचे और बालिका के बालिग होने तक विवाह नहीं करने के लिए भी लिखित में लिया।
Published on:
20 May 2019 08:30 am
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