
Special arrangements for the protection of wild animals
कोटा .
मुकुन्दरा हिल्स टागइर रिजर्व में बाघों के भोजन के लिए गत दिनों से दिल्ली से लाए जा रहे चीतल निर्धारित संख्या के अनुरूप लाकर दरा क्षेत्र में छोड़े जा चुके हैं। अब अन्य जगहों से प्रस्तावित चीतलों को यहां लाकर छोड़ा जाना है। मकुन्दरा हिल्स में अप्रेल के पहले सप्ताह में रामगढ़ से बाघ को लाकर छोडऩे के बाद ही राष्टपति भवन दिल्ली स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क से चीतलों को लाने की अनुमति मिली थी, इसके बाद ही लगातार विभाग की टीम चीतलों को ला रही थी। विभाग के उप वन संरक्षक टी मोहन राज के अनुसार दिल्ली से कुल 105 चीतलों को लाकर छोड़ा गया है।
Breaking News: साध्वी ने किया शिक्षा नगरी में प्रवेश, श्रद्धालुओं ने पाद प्रक्षालन आरती
जानकारी के अनुसार कोटा स्थित चिडिय़ाघर से 30 व बीकानेर के जू से 80 चीतलों को मुकुन्दरा हिल्स में लाकर छोडऩे के उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव दिए गए है। यहां से अनुमति मिलने के बाद इन्हें भी टागइर रिजर्व में लाकर छोड़ा जाएगा। गौरतलब है कि मुकुन्दरा हिल्स टागइर रिजर्व में गत एक वर्ष करीब 400 चीतलों को लाकर छोड़ा जा चुका है। चीतल बाघ के प्रिय भोजन में से एक है। इसी के चलते टागइर रिजर्व में इनकी संख्या में इजाफा किया जा रहा है।
Read More: दो डाक्टरों की कारें भिड़ी, एक घायल
मुकुन्दरा हिल्स के 82 वर्ग किलोमीटर के दायरे में छोड़ा जाना है। छुटपुट कार्य एक दो दिन में पूर्णइधर टागइर रिजर्व में बनाई जा रही सुरक्षा दीवार का बीच में छूटा हुआ हिस्से का निर्माण भी पूर्ण होने को है। चार से पांच फीट का भाग शेष रह गया है। गौरतलब है कि यह कार्य पूरा होने पर विभाग के उच्च अधिकारियों के दिशा निर्देशों से बाघ को एनक्लोजर से निकालकर इस 82 वर्ग किलोमीटर के दायरे में छोड़ा जाएगा।
Read More: देर रात युवक की धारदार हथियार से हत्या आरोपितों की धमकी से कई दिन से घर नहीं आ रहा था युवक
फिलहाल बाघ 28 हैक्टेयर क्षेत्र में बनाए गए एनक्लोजर में विचरण कर रहा है। इसे 3 अप्रेल को रामगढ़ से रेस्क्यू कर दरा के जंगलों में बनाए गए एनक्लोजर में छोड़ा गया था। इस पर विभाग निगरानी रख रहा है। ..... कोटा व बीकानेर से भी लाए जाएंगे चीतलइधर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जी वी रेड्डी ने बताया कि
Published on:
20 Apr 2018, 4:46 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.