
ये लापरवाही भारी न पड़े जाए..खबर पढि़ए खुद ही जान जाएंगे
कोटा.कोरोना संक्रमण (corona)की रोकथाम के लिए लॉकडाउन का शहर में थोक फल सब्जीमंडी को छोड़कर सभी जगह पालन हो रहा है। सब्जीमंडी में हजारों लोगों की सुबह रोजाना भीड़ लगती है।
इसी भीड़ में देश के अन्य राज्यों से ट्रकों में भरकर सब्जियां, फल आ रहे हैं। इन वाहनों के चालक भी इसी भीड़ में शामिल रहते हैं। कई राज्यों की सीमाएं पार कर आ रहे इन ट्रक चालकों की कहीं भी स्क्रीनिंग नहीं की जा रही। पुलिस केवल ट्रक में सब्जियां या फल देखकर ही इन्हें आगे के लिए रवाना कर रही है। इतना ही नहीं हाइवे पर पडऩे वाले टोल नाकों पर भी बाहरी राज्यों से आने वाले ट्रक चालकों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था नहीं की जा रही। कहीं ऐसा न हो कि यह लापरवाही कोटा को भारी पड़ जाए।
केन्द्र सरकार व राज्य सरकारों ने रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के परिवहन पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। कोटा में महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, केरल सहित अन्य राज्यों से ट्रकों में फल व अन्य खाद्य सामग्री आ रही है। केन्द्र व राज्य सरकारों ने ट्रांसपोर्ट से जुड़े इन वाहन चालकों की जांच या स्क्रीनिंग की कोई व्यवस्था नहीं कर रखी है।
राज्य सरकार व जिला प्रशासन कोरोना से बचाव के लिए दिन-रात लगा हुआ है। बाहर से आने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही। फिर देश के अन्य राज्यों से सब्जियां, फल व खाद्य सामग्री लेकर आने वाले ट्रक चालकों की तरफ सरकार व जिला प्रशासन ध्यान क्यों नहीं दे रहा। ये लोग यहां आकर कई लोगों से मिलते हैं।
राकेश कोटवानी, थोक व्यापारी
जिला प्रशासन की इस लापरवाही का सबसे ज्यादा असर कोटा की थोक फल सब्जीमंडी में पड़ेगा। यहां अन्य राज्यों से रोजाना ट्रकों में सब्जियां व फल आ रहे है। यहां रोजाना हजारों लोगों की भीड़ रहती है और ये ट्रक चालक भी इसी भीड़ में रहते हंै। कहीं प्रशासन की यह लापरवाही कोटा के लिए भारी न पड़ जाए।
संतोष मेहता, महासचिव, थोक फल एंड वेजीटेबल मर्चेंट संघ
Published on:
28 Mar 2020 07:03 am
