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सब्जियां भी लॉकडाउन, तबाह हो गए खेत के खेत

भिण्डी की फसल में कीट, किसानों को नहीं मिल पा रही पेस्टीसाइड, पशुओं को खिला रहे फसल लॉकडाउन से खाद विक्रेताओं की दुकानें बंद
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कोटा. कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। किसानों की भिण्डी की फसल कीट व रोग की चपेट में आ गई है। इस कारण खेत के खेत नष्ट हो गए हैं। कीट प्रकोप से किसान भिण्डी को तोड़कर मवेशियों को खिला रहे हैं। लॉकडाउन के कारण किसानों को कीटनाशक दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। इस वजह से कीट प्रकोप पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। किसान बेबस नजर आ रहे हैं। कोटा जिले में बडागांव, नया खेड़ा, नांता, बरधा, अर्जुनपुरा, बूंदी जिले के हिण्डौली क्षेत्र में भिण्डी की फसल की काफी रकबे में बुवाई होती है। कोटा और बूंदी से भिण्डी की सप्लाई जयपुर, दिल्ली, इंदौर सहित कई शहरों में होती है। पिछले दिनों मौसम बदलने और बादल छाए रहने से भिण्डी की फसल में कीट प्रकोप फैल गया। जो भिण्डी को चट कर रहा है। कीट इस कदर बढ़ गया कि एक ही रात में पूरे खेत को तबाह कर देता है।

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लॉकडाउन के कारण सब्जियों की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। एक तरफ तो किसान कीट लगने के कारण भिण्डी को मवेशियों को खिला रहे हैं, दूसरी तरफ लोग 60 से 70 रुपए किलो के हिसाब से भिण्डी खरीदने को विवश हंै। किसान हुसैन देशवाली ने बताया कि इस बारे में उद्यान विभाग व कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक को अवगत कराया है। लॉकडाउन के दौरान भी जिला प्रशासन उर्वरक की दुकानों को केवल दो घण्टे खोलने की अनुमति दे दे ,ताकि किसान पेस्टीसाइड व कीटनाशक दवाइयां खरीद सकें।