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कोरोना इफेक्ट: भूख से बिलबिलाते मजदूरों का सहारा बने कोटा के युवा, खाना बनाकर बांट रहे पैकट

covid-19 हर दिन बना रहे है लोगों के लिए खाना, ताकि कोई भूखा न सोये, बांट रहे खाने के पैकट
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कोटा

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Suraksha Rajora

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Updated: 29 Mar 2020, 7:15 PM IST

कोरोना इफेक्ट: मजदूरों के संकट मोचन बने कोटा के युवा

कोरोना इफेक्ट: मजदूरों के संकट मोचन बने कोटा के युवा

कोटा . कोरोना के बढ़ते संकट की वजह से कई लोगों के काम ठप हो गए हैं, जिसकी वजह से मजदूरों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। देश में लॉकडाउन ने दिहाड़ी मजदूरों, बेघरों, और गरीब जनता के सामने जीवन को आगे चलाने और खाने का संकट खड़ा कर दिया है इस समय में उनके दुःख को कम करने और पेट की भूख को शांत करने के लिए सोसाइटी हैस ईव शी और नेहरू युवा केन्द्र के द्वारा खाने के पैकेट बनाकर वितरित किये जा रहे है

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प्रोग्राम डायरेक्टर नितेश परिक ने बताया की शिवपुरा के आस पास रहने वाले दोस्तों ने आपस खुद मिलकर खाना बनाया और अब प्रतिदिन 250 खाने के पैकेट वितरित करेंगे प्रथम दिन मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित कच्ची बस्ती में खाने के पैकेट गए तथा आज दादाबाड़ी में खाने के पैकेट गए जिसमें लोकेश गुर्जर, देवेंद्र सिंह चूंडावत, हबीब खान, उमेश कुमार, रूपेंद्र सिंह, रवि शर्मा, रिंकू स्वामी, रोहित गुर्जर, मनीष कुमार टांक, रणजीत सिंह सिसोदिया, भीम सेन, अन्नू मालिक, मुकेश गुर्जर, मोहन सिंह, रंगलाल और धर्मेन्द्र भाटिया का विशेष सहयोग रहा.

डॉ. निधि प्रजापति ने बताया की इन सभी युवाओं को उम्र 22 से 27 वर्ष की है तथा सभी अपने स्तर पर इस संकट की घड़ी में जिला का सहयोग कर रहे. भोजन वितरण की ये मुहीम आगामी 14 अप्रैल तक जारी रहेगी जिसमें कोशिश ये भी रहेंगी की इन लोगों को सामग्री भी उपलब्ध कराई जा सके.