
कोटा. मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस में दाखिले के लिए हुई नीट यूजी-2019 परीक्षा ( NEET 2019 Exam )आसान रही। अधिकतर प्रश्न पिछले साल के रिपिट हुए। ऐसे में इस बार कटऑफ पिछले साल के मुकाबले ज्यादा रहेगी। एमबीबीएस ( MBBS ) में सीट मिलना मुश्किल हो सकता है। आसान पेपर से जहां कुछ छात्रों के चेहरे खुशी से चमकते रहे वहीं, छात्रों के चेहरे पर परीक्षा न दे पाने का गम साफ झलक रहा था।
कोटा में नीट परीक्षा ( NEET 2019 Exam ) में कुछ छात्र बैठने से वंचित रह गए। ऐसा ही एक मामला दादाबाड़ी स्थित सेन्टर में आया। परीक्षा में रिपोर्टिंग टाइम डेढ़ बजे तक ही था। बिहार निवासी छात्रा साक्षी की तबीयत खराब होने के चलते वह अस्पताल में भर्ती थी। छुट्टी करवाकर परीक्षा देने पहुंची, लेकिन चार मिनट की देरी हो गई। गेट बंद कर दिए गए थे। उसने अपनी तबीयत की बात बताई और परीक्षा में बैठने के लिए विनती की। उसकी मां भी साथ थी, लेकिन उसे अंदर नहीं जाने दिया। बेटी की परीक्षा छूटने पर मां की आंखों में आंसू आ गए। उसके बाद बेटी को लेकर मां वापस चली गई।
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गश खाकर गिरी, अस्पताल में करवाया भर्ती
छात्रा अंजलि वर्मा परीक्षा देने के थेगड़ा रोड पर ऑटो से जा रही थी। ऑटो से उतरते समय गश खाकर गिर गई। आसपास के लोगों ने उसे तलवंडी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसका सिटी स्कैन किया गया। छात्रा बेहोश होने के कारण परीक्षा से वंचित हो गई।
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छाया-पानी का इंतजाम, छाछ भी पिलाई
भीषण गर्मी के चलते अभिभावकों व विद्यार्थियों के लिए एलन स्टूडेंट्स वेलफेयर सोसायटी द्वारा चुनिंदा केन्द्रों पर छाया-पानी व छाछ का इंतजाम किया गया। संस्था के अध्यक्ष मुकेश सारस्वत व सचिव गोपालराम मंडा ने बताया कि शहर के अधिकांश परीक्षा केन्द्रों के बाहर एएसडब्लयूएस द्वारा टेंट लगाकर अभिभावकों के लिए छाया की व्यवस्था की गई। परीक्षा के दौरान इंतजार करने वाले अभिभावकों को पानी और छाछ भी वितरित की गई।