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पुलिस हिरासत में हनुमान की मौत : भाजपा ने आश्रित को नौकरी और 20 लाख मुआवजा मांगा

पुलिस महानिदेशक से मिल का भाजपा का प्रतिनिधि मंडल धारा 302 में मुकदमा तथा संभागीय स्तर के अधिकारी से जांच कराने की मांग
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कोटा

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Rajesh Tripathi

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Aug 30, 2019

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कोटा। कोटा में गत दिनों थाना महावीर नगर पुलिसहिरासत में हनुमान कोली की मृत्यु के मामले में भाजपा की उच्च स्तरीय जांच कमेटी ने शुक्रवार को जयपुर में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के नेतृत्व में राजस्थान के पुलिस महानिदेशक से मुलाकात की। मामले की जांच कोटा जिले के बाहर के किसी प्रशासनिक अधिकारी कम से कम संभागीय आयुक्त स्तर के अधिकारी से कराने और आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। कमेटी ने मृतक के एक आश्रित को नौकरी देने और 20 लाख मुआवजा देने की मांग की है।

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चार दिन पहले पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी, पूर्व मंत्री एवं विधायक मदन दिलावर और पूर्व मंत्री रामकिशोर मीना को शामिल करते हुए एक जांच कमेटी मामले के लिए गठित की गई थी। कमेटी ने गत बुधवार को कोटा पहुंचकर मृतक हनुमान कोली की पत्नी व उसके बच्चों से घर जाकर मुलाकात करके पूरे मामले की जानकारी हासिल की थी। इसके बाद जांच कमेटी ने पुलिस अधिकारी डॉ.अमृता दुहन और एसपी दीपक भार्गव से भी मिली। कमेटी ने इन सारे तथ्यों की जांच रिपोर्ट तैयार की थी, जिसको नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के नेतृत्व में वासुदेव देवनानी व मदन दिलावर ने पुलिस महानिदेशक से उनके कार्यालय में मुलाकात कर रिपोर्ट सौंपी।रिपोर्ट में लिखा गया है कि प्रथम दृष्टया कमेटी को पुलिस की जांच में कुछ संदेह उत्पन्न हुए है। जिन पर विस्तृत एवं गम्भीरता से जांच की आवश्यकता है।

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कमेटी ये सवाल उठाए