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सदमे से हुई किसान की मौत, पां‍च मासूमों के सिर से उठा पिता का साया

चौमहला. सोयाबीन में फलाव नहीं आने के सदमे से मंगलवार देर शाम किसान की मौत हो गई।

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कोटा

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abhishek jain

Sep 14, 2017

Death of Farmer from Stress

चौमहला. सोयाबीन में फलाव नहीं आने के सदमे से मंगलवार देर शाम किसान की मौत हो गई।

चौमहला. सोयाबीन में फलाव नहीं आने के सदमे से मंगलवार देर शाम किसान की मौत हो गई। क्षेत्र के सांकरिया गांव निवासी तूफान सिंह (48 ) ने 15 बीघा जमीन में सोयाबीन (जीएस 335) बोई थी। फसल वर्तमान में लहलहा रही है। इस किस्म की सोयाबीन में आसपास के कई गांवों में फलाव नहीं आने की चर्चा के बाद तूफान मंगलवार शाम को खेत में फसल देखने गया था। खेत से वापस आने के कुछ घण्टों बाद सदमे से उसकी मौत हो गई।

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छोटे भाई नेपाल सिंह ने बताया कि बड़ा भाई तूफान फसल में फलाव नहीं आने से सदमे में आ गया। घर पर उसे मायूस देख भाभी ने पूछा तो उसने सोयाबीन का पौधा दिखाते हुए कहा कि हम बर्बाद हो गए। उसे समझाया, चिंता मत करो, लेकिन वह तनाव में था। थोड़ी देर बाद ही उसकी मौत हो गई।

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ग्रामीणों ने बताया कि खेत से लौटते समय मंगलवार शाम तूफान सिंह ने कई लोगों के सामने फलाव नहीं आने पर चिंता व्यक्त की थी।
मृतक का बुधवार सुबह गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन भी दिया। मृतक के एक आठ साल का बेटा और चार बेटियां हैं।

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उपखण्ड अधिकारी गंगधार चन्दन दुबे का कहना है कि किसान की मौत की सूचना पर तहसीलदार और कृषि अधिकारी को मौके पर भेजा है। वैसे सोयाबीन की जीएस 335 किस्म में फलाव नहीं आने की समस्या सभी जगह है। फिर भी मामला दिखवाते हैं।

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