
टेंट में मरीजों का इलाज करते चिकित्सक
कोटा . चिकित्सक नेताओं के तबादले के विरोध में सेवारत चिकित्सकों ने शुक्रवार को तीसरे दिन भी दो घंटे कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सेवारत चिकित्सकों ने अस्पताल के बाहर टेंट लगाकर मरीजों का उपचार किया। ऑपरेशन व भर्ती की प्रक्रिया को मरीजों के हित में देखते हुए जारी रखा।
छाई थी चेहरे पर मायूसी
शहर के एमबीएस अस्पताल, जेके लोन, न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, ईएसआई अस्पताल, रामपुरा डिस्पेन्सरी समेत कई डिस्पेन्सरियों में आउटडोर खुलते ही इलाज की आस में आए मरीजों के चेहरों पर मायूसी छा गई। चिकित्सकों के नहीं होने के कारण समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा था। मरीजों को उपचार के लिए दो-दो घंटे कतारों में लगना पड़ा। दो घंटे बाद चिकित्सकों ने मरीजों को टेंट लगाकर देखा।
72 घंटे का अल्टीमेटम
सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेश महासचिव दुर्गाशंकर सैनी ने बताया कि सरकार ने जिन मांगों को लेकर आश्वस्त किया था। उन पर कोई क्रियान्विति नहीं दिख रही है, बल्कि चिकित्सक नेताओं के तबादले कर उन्हें परेशान कर रही है। एेसे में संघ फि र से आंदोलन की रणनीति में जुट गया है। उन्होंने सरकार को फि लहाल 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
वरिष्ठजनों के संवाद से होगी शुरुआत
दादा नारायणदास मददनानी सेवा संस्थान के तत्वावधान में 4 से 8 दिसम्बर तक सेवा सप्ताह का आयोजन होगा। अध्यक्ष डॉ. टी सी मेहता ने बताया कि 4 दिसम्बर को बच्चों व वरिष्ठजनों के बीच दादा-दादी व नाना-नानी विषय पर संवाद, 5 को बच्चों के सम्बन्धित मेंटल हैल्थ, स्टे्रस व डिप्रेशन को लेकर गोष्ठी, 6 को बाल अधिकारों को लेकर चर्चा, 7 को सिंधी धर्मशाला डडवाड़ा के सहयोग से सुबह 10 बजे सेमोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर लगाया जाएगा। चिकित्सा शिविर का भी आयेजन किया जाएगा। 8 दिसम्बर को समारोह में शहीदों के परिजन का सम्मान व मोतियाबिंद शिविर के लाभार्थिर्यों को चश्मे वितरित किए जाएंगे।
Updated on:
2 Dec 2017, 4:37 PM IST
Published on:
2 Dec 2017, 4:16 PM IST
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