
Good News: अब घर बैठे खुलवाएं बैंक अकाउंट, पैसा जमा करवाने या निकलवाने के लिए कीजिए सिर्फ एक मैसेज
कोटा. खाता खोलने से लेकर रुपए जमा करने और निकालने के लिए अब बैंकों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। महज एक मैसेज पर बैंक खुद चलकर आपके दरवाजे पहुंचेगा। कोटा संभाग में छह महीने तक चला ट्रायल सफल रहने के बाद अप्रेल माह से 1050 मोबाइल पोस्टल बैंक काम करने लगेंगे। चि_ी पत्री का दौर खत्म होने के साथ ही डाकघरों को बचाए रखने के लिए केंद्र सरकार उनके विस्तार में जुट गई थी। नवंबर 2018 में डाकघरों में इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंकिंग (आईपीपीबी) सेवा शुरू की गई।
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नए वित्तीय वर्ष में यह डाकघरों से बाहर निकल कर ग्राहकों के घर तक पहुंचेगी। आईपीपीबी सेवा के जरिए डाक विभाग अब खाताधारकों की सुविधा के लिए डोर स्टैप बैंकिंग शुरू करने जा रहा है। कोटा में छह महीने तक इसका ट्रायल चला। जिसके सफल रहने के बाद अप्रेल के महीने से 1050 मोबाइल बैंक काम करने लगेंगे।
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डाकिया देगा सारी सुविधाएं
कोटा पूर्व के निरीक्षक डाकघर पीएन माथुर ने बताया कि पोस्ट मैन घर-घर जाकर लोगों के बैंकिंग खाते खोलेंगे। ग्राहकों को डोर स्टेप पोस्टल बैंकिंग का लाभ देने के लिए विभाग ने डाकियों को एक एंड्रायड मोबाइल, हैंड हैंडिल डिवाइस और बायोमेट्रिक स्कैनिंग डिवाइस दिया गया है। खाता खुलने के बाद जब किसी ग्राहक को पैसे निकालने या जमा करने होंगे तो उसे अपने मोबाइल से सिर्फ एक मैसेज करना होगा। इसके बाद डाकिया खाताधारक के घर पहुंच जाएगा और आपकी बैंकिंग जरूरतों को तत्काल पूरा कर देगा।
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जिला मुख्यालय से तकनीकी सपोर्ट
कोटा पूर्व के निरीक्षक डाकघर पीएन माथुर ने बताया कि कोटा संभाग के 75 हैड पोस्ट और सब पोस्ट ऑफिस के साथ साथ 554 ग्रामीण डाकघरों को पोस्टल बैंक बनाया गया है। जहां से 150 से ज्यादा शहरी और 900 से ज्यादा ग्रामीण डाक सेवक डोर स्टेप बैंकिंग की सुविधा घर घर जाकर ग्राहकों को मुहैया कराएंगे। जिला मुख्यालय पर स्थापित ब्रांच ऑफिस पूरे सिस्टम की निगरानी करने के साथ ही टेक्निकल सपोर्ट देने का काम करेंगे। इस सेवा के जरिए सेविंग, करंट एकाउंट के साथ मर्चेंट एकाउंट खोले जा सकेंगे। पहले दोनों खातों में सिर्फ क्यूआर कार्ड से लेनदेन होगा। जबकि दुकानदारों या कारोबारियों की सहूलियत के लिए खोले जाने वाले मर्चेंट एकाउंट में चैकबुक भी दी जाएगी। जबकि डाकियों को इस सुविधा मुहैया कराने के लिए इन्सेंटिव भी दिया जाएगा।
पासबुक का काम करेगा क्यूआर कार्ड
डोर स्टैप बैंकिंग पूरी तरह से पेपरलैस होगी। खाता खुलने के बाद ग्राहकों को एटीएम जैसा एक क्यूआर कार्ड दिया जाएगा, जो पासबुक की तरह काम करेगा। जब भी खाताधारक को रुपए जमा करने या निकालने होंगे तो डाकिया सबसे पहले अपने एंड्रायड मोबाइल में इंस्टाल बैंकिंग सर्विस एप से उस क्यूआर कोड को स्कैन करेगा। इसके बाद बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन कर वास्तविक उपभोक्ता की पहचान करेगा। खाते की जानकारी और उपभोक्ता की बायोमेट्रिक पहचान साबित होने के बाद खाता धारक बैंकिंग सेवा का लाभ ले सकेगा। बड़ी बात यह है कि ड्यूल सिक्योरिटी चैक होने की वजह से खाता धारक के साथ किसी तरह की धोखाधड़ी भी नहीं की जा सकेगी।
Published on:
01 Apr 2019 09:55 am
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