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गन नहीं,गनमैन चाहिये इनको…

विधायक का हथियार रखने से हुआ मोहभंग, गनमैन बन गया स्टेटस सिंबल
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कोटा

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Suraksha Rajora

Nov 25, 2018

Election 2018:Disillusionment with weapon MLA, Ganman status symbol

गन नहीं,गनमैन चाहिये इनको...

कोटा. शहर में कभी हथियार को अपने बिंदास अंदाज व स्टेटस सिबंल मानने वाले नेताओं का हथियारों से मोहभंग हो चला है। इसके चलते जहां कई विधायक हथियार लेने में रुचि नहीं दिखा रहे, वहीं पुराने नेता भी हथियार को परिजनों को स्थानान्तरित करने में जुट गए हैं।
करीब डेढ़ दशक पहले नेताओं में हथियार के लाइसेंस लेने का जबरदस्त क्रेज था।

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इसके चलते कई नेताओं ने अपने लाइसेंस पर एक से अधिक हथियार भी ले रखे थे, लेकिन राज्य सरकार की ओर विधायकों को गनमैन दिए जाने के बाद से विधायकों में अब हथियार का क्रेज कम हो गया है। विधायक अब गनमैन को स्टेटस सिंबल से जोड़कर देखने लगे हैं। इसके चलते कई विधायकों ने राज्य सरकार के गार्ड के अलावा अतिरिक्त गार्ड व बाउंसर भी रख रखे हैं।

अब झंझट लगने लगे हथियार

शासन से हथियार का लाइसेंस लेना और फिर इस पर हथियार खरीदना और इसे संभाल कर रखना व रिनुएशन करवाने समेत समय-समय पर इसे जमा करवाना व छुड़वाना लाइसेंसधारी के लिए भारी समस्या होती है। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से विधायक को गन मैन दे देने से उनकी सुरक्षा के लिए हथियार के साथ सुरक्षाकर्मी भी उन्हें मुहैया हो गया है। ऐसे में अब नेताओं का लाइसेंसी हथियारों से मोहभंग हो।

गनमैन जमा रहे धाक

ऐसे में अब नेताओं का लाइसेंसी हथियारों से मोहभंग होने विधायक न केवल अपने साथ गनमैन रखते हैं, बल्कि उसे सफारी सूट में भी देखना चाहते हैं। ऐसे में उनके निजी गार्ड व बाउन्सर भी सफारी सूट में रहते हैं। वहीं अधिकांश पुलिसकर्मी तो वैसे भी सफारी सूट को ही प्राथमिकता देते हैं। सफारी सूट के बाद नेता गाड्र्स व बाउन्सर को कसी हुई टीशर्ट व जीन्स में देखना चाहते है। ये दोनों पोशाकें गनमैन व सिक्योरिटी गाड्र्स की पंसदीदा ड्रेस बन गई हैं।

बॉलीवुड का प्रभाव

सिक्योरिटी गाड्र्स का रहन-सहन व पहनावा बॉलीवुड से भी काफी प्रभावित है। बालीवुड की सलमान खान के मुख्य किरदार वाली फिल्म बॉडीगार्ड हो या दबंग फिल्म का बिन्दास दरोगा चुलबुल पांडे। इनकी वेशभूषा ने सिक्योरिटी गाड्र्स को प्रभावित किया है।

इन नेताओं के पास नहीं हैं हथियार


कोटा दक्षिण से कांगे्रस प्रत्याशी राखी गौतम पहली बार अपना भाग्य आजमा रही हैं। उनके पास कोई हथियार नहीं है। इसके अलावा सांगोद से भाजपा प्रत्याशी हीरालाल नागर कोई हथियार नहीं रखते। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी भरत सिंह ने भी अपने 12 बोर की बंदूक अपने पुत्र के नाम स्थानान्तरित कर दी है।

इसके अलावा केशोरायपाटन से भाजपा की प्रत्याशी चन्द्रकान्ता मेघवाल के पास कोई हथियार नहीं है। लाडपुरा से भाजपा प्रत्याशी कल्पना देवी व कांग्रेस प्रत्याशी गुलनाज के पास भी कोई हथियार नहीं है। इसके अलावा वर्तमान लाडपुरा विधायक भवानीसिंह राजावत व पीपल्दा विधायक विद्याशंकर नंदवाना के पास भी कोई हथियार नहीं है।


12 बोर व रिवाल्वर पर सिमटे


शहर की कोटा उत्तर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी शांति धारीवाल के पास 12 बोर की बंदूक है। वहीं भाजपा प्रत्याशी प्रहलाद गुंजल के पास भी 12 बोर की बंदूक है। सांसद ओम बिरला के पास रिवाल्वर है तो कांग्रेस से पूर्व सांसद रहे इज्यराज सिंह के पास 12 बोर की बंदूक है। कोटा दक्षिण से भाजपा प्रत्याशी संदीप शर्मा के पास रिवॉल्वर है।