
कोटा. शहर के स्टेशन इलाके में जलदाय विभाग का करोड़ों रुपए की लागत से नवनिर्मित सहायक अभियंता कार्यालय भवन लावारिस पड़ा हुआ है। इस भवन में मजदूरों ने डेरा डाल रखा है। इसका उपयोग एक ठेकेदार कर रहा है। जलदाय विभाग के अधिकारी आंखें मूदकर बैठे हैं। इस भवन का पिछले पांच माह से ठेकेदार उपयोग कर रहा है। इसकी लेबर ने यहां डेरा डाल रखा है। निर्माण सामग्री व औजार भी पड़े हुए हैं। शिकायत के बाद भी अधिकारी भवन को खाली नहीं करवा रहे हैं।
नवनिर्मित सहायक अभियंता कार्यालय भवन में बनी टंकी से स्टेशन क्षेत्र इलाके में पानी की सप्लाई की जाती है। टंकी की सुरक्षा के लिहाज से एक गार्ड यहां तैनात रहता है। वर्तमान में यहां का नजारा देखने के लायक है। अधिकारियों के बैठने के लिए बनाए गए नवनिर्मित कमरों में मजदूर खाना बना रहे हैं। अवैध तरीके बिजली का भी उपयोग कर रहे है। सरकारी खर्चे पर कूलर, पंखे, आटा चक्की सहित अन्य संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
शराब की बोतलें भी मिली
शिकायत पर पत्रिका टीम मौके पर पहुंची तो यहां का दृश्य देखकर हैरान रह गए। करीब 50 श्रमिक ठहरे हुए हैं। इस कार्यालय में शराब की बोतलें भी मिली हैं।
अधिकारियो के निर्देश पर करेंगे कार्रवाई
ठेकेदार की लेबर इस भवन का उपयोग कर रही है। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है। कार्रवाई उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही की जाएगी।
जितेन्द्र यादव, कनिष्ठ अभियंता, जलदाय विभाग
इस बारे में उच्चाधिकारी ही कुछ बता सकते है। कनिष्ठ अभियंता से जानकारी लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया जाएगा।
राजेश शुक्ला, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग
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मैंने इस बारे में जानकारी ली। नवनिर्मित भवन में टेक्निकल स्टाफ के रहने के बारे में पता चला। अवैध तरीके से बिजली-टॉयलेट निर्माण हुआ है। बिल पर्ची काटी जाती है। इनका मुझे पता नहीं है। मामले को गंभीरता से दिखवाया जाएगा।
राकेश कुमार, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग