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आबकारी निरीक्षक शराब ठेकेदारों को यूं जाल में फंसाता, फिर धमका कर करता अवैध वसूली, एसीबी ने खोला राज
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आबकारी निरीक्षक शराब ठेकेदारों को यूं जाल में फंसाता, फिर धमका कर करता अवैध वसूली, एसीबी ने खोला राज

कोटा एसीबी ने शराब की दुकानों से अवैध वसूली करने वाले आबकारी निरीक्षक को हिरासत में लेकर 55 हजार 900 रुपए बरामद किए। जांच में आबकारी की काली कमाई का खेल उजागर हुआ है।
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कोटा

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Zuber Khan

•

May 27, 2019

कोटा. कोटा एसीबी ने शराब की दुकानों से अवैध वसूली करने वाले आबकारी निरीक्षक को हिरासत में लेकर अलग-अलग लिफाफों में रखे 55 हजार 900 रुपए बरामद किए। जांच में ऐसी जानकारियां हाथ लगी जिससे एसीबी भी चौंक गई कि तरह आबकारी विभाग में रिश्वत व अवैध वसूली का काला खेल चल रहा है। एसीबी सीआई दलबीर सिंह फौजदार ने बताया कि रामगंजमंडी में तैनात आबकारी निरीक्षक वीरेन्द्र सिंह फौजदार के पास तीन चार दिन से कोटा-सुल्तानपुर का अतिरिक्त चार्ज भी है।

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आबकारी डीओ ने वीरेन्द्र सिंह को कोटा-सुल्तानपुर क्षेत्र में शराब की दुकानों की जांच के निर्देश दिए। इस पर वीरेन्द्र सिंह खातौली, इटावा व सुल्तानपुर क्षेत्र में वैध और अवैध दुकानों की जांच करने जाता और पूरी प्लानिंग के साथ शराब ठेकेदारों को अपने जाल में फंसाता। वह सबसे पहले यह पुख्ता करता कि कौन दुकानदार निर्धारित दर से अधिक में शराब बेचता है। जब यह पुख्ता हो जाता तो उस ठेकेदार को कार्रवाई का डर दिखाकर उससे अवैध वसूली करता। साथ ही अवैध रूप से चल रहे ठेके संचालक से पैसे लेकर कार्रवाई नहीं करता।

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मैं कोटा में हूं, आकर मिलो, आपका काम हो जाएगा
एसीबी को वीरेन्द्र के मोबाइल में कॉल रिकार्डिंग मिली, जिससे पता चला कि एक शराब ठेकेदार की इस क्षेत्र में 15 दुकानें है। वीरेन्द्र ने उसे फोन किया तो उसने कहा कि दुकानों पर जाने की जरूरत नहीं है। मैं कोटा में हूं, आप यहीं आकर मिल लेना, आपका काम हो जाएगा। निरीक्षक एसीबी को बरामद रुपयों के बारे में भी संतोषप्रद जवाब नहीं दे सका तो राशि जब्त कर ली गई।

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ऐसे धरा गया आबकारी निरीक्षक

ब्यूरो के अधिकारियों ने राशि बरामद होने के बाद रकम के स्रोत के बारे में अलग अलग तीन चार बार पूछताछ की तो हर बार पकड़े गए आबकारी निरीक्षक ने अलग कहानी सुना दी। हर बार राशि के बारे में अलग तथ्य पता चलने पर उन्होंने निरीक्षक की गाड़ी के चालक से पूछताछ की। चालक ने कहा कि निरीक्षक पहले उसे किसी भी दुकान पर शराब खरीदने के लिए भेजता था। दुकानदार उससे अधिक राशि वसूलता तो उसके बाद वह उन दुकानों पर कार्रवाई नहीं करता था। ऐसे में बरामद राशि को अवैध वसूली की राशि माना गया।

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घर की तलाशी में यह मिला

आबकारी निरीक्षक वीरेन्द्र सिंह ने झालावाड़ रोड स्थित ओम एनक्लेव में 14 हजार रुपए महीने में फ्लैट किराए से ले रखा है। घर की रविवार तड़के तलाशी ली तो घर से विभिन्न बैंकों की पास बुकें मिली। इन खातों में कितनी राशि जमा है इसकी जानकारी बैंक से ली जाएगी। तलाशी में ग्रेटर नोएडा में एक फ्लैट का कागजात भी मिले है, जिसे उसने 40 लाख रुपए में खरीदा था। इसकी भी जांच की जा रही है।

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सेना से रिटायर्ड है वीरेन्द्र
सीआई अजीत बागडोलिया ने बताया कि अलवर के कठूमर थाना क्षेत्र के तुसारी निवासी वीरेन्द्र सिंह सेना (एयरफोर्स) से रिटायर्ड है। इसने सेना कोटे से परीक्षा के बाद वर्ष 2016 में ही आबकारी निरीक्षक की ड्यूटी ज्वाइन की थी। शराब ठेकेदारों से जांच के नाम पर अवैध वसूली की पुख्ता शिकायत पर शनिवार को एसीबी की दो टीमें इसके पीछे लगी रही और रात 11 बजे वापस लौटते समय टोल नाके पर उसे धर दबोचा। पूछताछ व घर की तलाशी के बाद उसे फिलहाल छोड़ दिया है। इसके साथ ही अन्य आबकारी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।