कोटा के नए अस्पताल और एमबीएस समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में पिछले पांच महीने में ही त्वचा रोगों से संबंधित 34,745 मरीज पहुंचे। इनमें से 20,847 मरीज ऐसे थे, जो कैमिस्ट शॉप पर बिकने वाली दवाओं और क्रीम का इस्तेमाल कर अपनी त्वचा को बदरंग कर चुके थे। इनमें लड़कियों और नौजवान लड़कों की संख्या 70 फीसदी से ज्यादा है।