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बिटिया ने लिखा पत्र, नहीं करना है विवाह

नाबालिग बेटी की शादी करने की तैयारी में जुटे अमृत कुआं निवासी बालिका के परिजनों को सोमवार को प्रशासन ने पाबंद कर दिया।
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कोटा

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Shailendra Tiwari

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Updated: 17 Apr 2018, 4:49 PM IST

child marriage

सांगोद.

इसी माह नाबालिग बेटी की सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी करने की तैयारी में जुटे अमृत कुआं निवासी बालिका के परिजनों को सोमवार को प्रशासन ने पाबंद कर दिया। परिजनों ने अधिकारियों को लिखित में दिया कि वे बालिग होने तक बेटी का विवाह नहीं करेंगे।

छात्रा ने स्कूल के प्रधानाचार्य के समक्ष प्रार्थनापत्र देकर उसका विवाह रुकवाने का आग्रह किया था। हस्तलिखित प्रार्थना पत्र में उसने लिखा था कि वह अठारह साल की नहीं है तथा अभी विवाह नहीं करना चाहती, लेकिन माता-पिता उसका विवाह करना चाहते हैं।

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प्रार्थना पत्र मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन कोई कदम उठाता इससे पहले ही इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच गई। एसडीएम कमल कुमार मीणा ने मामले को गंभीर मान तहसीलदार लक्ष्मीनारायण प्रजापति को मौके पर भेजा। तहसीलदार प्रजापति ने स्कूल प्रबंधन से उसकी टीसी की जांच करवाई तथा परिजनों को बुलाकर चर्चा की।

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अलग-अलग जन्म तिथि
जांच में सामने आया कि बालिका की शादी 26 अप्रेल को धूलेट में आयोजित रैगर समाज के सम्मेलन में होनी थी। स्कूल टीसी में जन्म तिथि 30 जून 2000 है लेकिन उसके आधार कार्ड में जन्म तिथि 01 जनवरी 1998 थी। अधिकारियों से चर्चा के बाद में परिजनों ने बालिग होने तक बिटिया का विवाह नहीं करने का अधिकारियों को लिखित आश्वासन दिया।

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किया है पाबंद
सांगोद तहसीलदार लक्ष्मीनारायण प्रजापति ने बताया कि सूचना के बाद मौके पर पहुंचकर बालिका की जन्मतिथि की जांच की। स्कूल टीसी की जन्मतिथि को वैध मानते हुए परिजनों को बालिका के बालिग होने तक शादी नहीं करने को लेकर पाबंद किया है।

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