
सुल्तानपुर. मध्यप्रदेश में हुई भारी बारिश के बाद गांधीसागर के पूरे गेट व झालावाड़ा में कालीसिंध डेम के गेट खोलने के साथ ही चम्बल व कालीसिंध नदी रौद्र रूप में दिखाई दी। जैसे-जैसे दिन बितता गया वैसे-वैसे नदियों में पानी विकराल होता गया। ऐसे में दीगोद तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांव टापू बन गए। विधायक रामनारायण मीणा ने आधा दर्जन गांवों में जाकर ग्रामीणों की सुध ली और प्रशासन को राहत कार्य में तेजी के निर्देश दिए। क्षेत्र में सर्वाधिक परेशानी बालापुरा गांववासियों की देखने को मिली। यहां चम्बल में आए उफान से करीब 400 लोग फंसे हुए हैं।
High Alert: 13 साल में पहली बार राणा प्रताप के 14 और गांधी सागर के खुले 16 गेट, कोटा में बाढ़, बस्तियां करवाई खाली, कई गांव बने टापू
एनडीआरएफ ने किए हाथ खड़े
चम्बल नदी में उफान से नदी किनारे बसा कोटसुआं ग्राम पंचायत के बालापुरा गांव में रविवार को हालात अधिक बेकाबू हो गए। विगत 6 दिनों से टापू बने इस गांव में सांतवें दिन दो दर्जन से अधिक लोगों की तबीयत अचानक खराब हो गई। नदी में जलस्तर बढऩे के साथ ही लोग दहशत में है। प्रशासन को मोबाइल पर सूचना दी। इसके बाद एसडीएम जबर सिंह, दीगोद थानाप्रभारी नंद सिंह मौके पर पहुंचे और कोटा से एनडीआरएफ की टीम के साथ राहत कार्य को बुलवाई। नदी में बहाव तेज होने व चट्टाने होने से टीम ने भी हाथ खड़े कर दिए। ऐसे में गांववासियों को कोई मदद नहीं हो मिल पाई।
Weathe Update: मध्यप्रदेश में भारी बारिश से राजस्थान में हाई अलर्ट, बैराज के 15 गेट खोल 4 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, कोटा में बाढ़ के हालात
हवाईसेवा से मदद की मांग
कांग्रेस नेता हरि प्रकाश शर्मा व भाजपा मंडल अध्यक्ष मनीष शर्मा ने बताया कि बालापुरा गांव में 400 लोगों की आबादी है, चारों और से चंबल का पानी आने से उनकी जिंदगी खतरे में है। उन्होंने प्रशासन से हवाई सेवा के माध्यम से राहत पहुंचाने की अपील की है।