सांगोद. कई बड़े कस्बों एवं गांवों को अपने आंचल में समेट लोगों को पुण्य अर्जन कराती उजाड़ नदी की मैली हो रही कोख को पावन करने की दिशा में यहां कोई प्रयास सिरे नहीं चढ़़ रहा। उजाड़ नदी नालों के पानी से लगातार प्रदूषित होती जा रही है।
बीते सालों में नदी को प्रदूषित होने से बचाने के लिए बातें तो खुब हुई, थोड़े से प्रयास भी हुए, लेकिन मैली होती जा रही उजाड़ की कोख अब भी दूषित होती जा रही है। नालों में बहकर आने वाली गंदगी व दूषित पानी से सांगोद की गंगा मैली होती जा रही है। नगर पालिका के पूर्ववती भाजपा बोर्ड ने इस दिशा में पहल जरूर शुरू की। बगीची घाट के पास बड़े नाले पर फिल्टर बनाया। कुछ माह तक समस्या से थोड़ी बहुत निजात भी मिली। लेकिन बाद में बजट की कमी से योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।
ऐसे में नदी की खोक को पावन करने की नगर पालिका बोर्ड की मंशा बजट के अभाव में सपना बनकर रह गई।