
Government closed printing of 2000 note
2000 का नोट भी अब बंद होगा। नोटबंदी के बाद देश में पहली बार छापे गए इस नोट की छपाई सरकार साढ़े तीन महीने पहले ही बंद कर चुकी है। प्रचलन कम किया जा रहा और जल्द ही यह चलन से बाहर हो जाएगा। बड़ी मुद्रा को चलन से बाहर कर 'एक देश, एक कर' के जरिए भारत में नए आर्थिक सुधार सुझाने वाले और 'नोटबंदी के चाणक्य' माने जाने वाले अनिल बोकिल ने यह बात कही।
'राजस्थान पत्रिका' से विशेष बातचीत में अर्थक्रांति एनजीओ के प्रमुख अनिल बोकिल ने कहा कि उन्होंने अर्थ व्यवस्था की खामियों को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अघोषित और अप्रचलित मुद्रा को सरकार के पास वापस लाने के लिए 50 रुपए से बड़े सभी नोट बंद करने, नकदी रखने की अधिकतम सीमा 2000 रुपए करने और सभी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर खत्म कर सिर्फ बैंक में पैसा जमा कराने पर एवं इम्पोर्ट ड्यूटी टैक्स ही लगाने का प्रस्ताव सौंपा था। सरकार ने सबसे पहले नोटबंदी योजना को लागू किया।
बंद करने ही होंगे बड़े नोट
बोकिल ने बताया कि सुझावों के मुताबिक तीन चरणों में पहले 1000 और फिर 500 और 100 के नोट बंद होने थे, लेकिन सरकार ने कालेधन को खत्म करने के लिए कदम एकसाथ उठा लिया। 85 फीसदी अर्थव्यवस्था बड़े नोटों पर निर्भर थी, इसलिए फौरी मदद को 2000 रुपए के नोट आए। इनकी छपाई अब बंद है। उन्होंने दावा किया कि 500 और 200 के नोट का प्रचलन भी सीमित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े नोटों का प्रचलन पूरी तरह बंद करेगी तभी सुधार का फायदा मिलेगा।
खत्म करना होगा जीएसटी
उन्होंने कहा कि कर सुधार के जरिए जब सरकार के पास पर्याप्त पैसा पहुंचेगा तो वह ब्याजमुक्त आर्थिक मदद तक दे सकेगी। कर प्रणाली आसान बनाने के लिए हमने इम्पोर्ट ड्यूटी व सिर्फ बैंक में पैसा जमा करने पर 2 फीसदी कर का प्रस्ताव सौंपा था। सरकार निरंतर सुधार कर रही है। बोकिल कहते हैं कि नोटबंदी का फायदा उठाना है तो सरकार को जीएसटी खत्म करना ही पड़ेगा।
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...तो मिलने लगेगा ब्याज मुक्त लोन
बोकिल कहते हैं कि सरकारी श्रोतों के मुताबिक अब तक तत्समय रनिंग करेंसी का 130 प्रतिशत पैस वापस लौटा है। इसमें नकली नोट से लेकर ब्लैकमनी तक शामिल है। सरकार ने अभी वापस लौटी रकम का हिसाब लगाया है। अब इस्तेमाल शुरू होगा। पैसा बैंकों में जाएगा तो ब्याजदर घटेगी और निश्चित ही एक दिन ब्याजमुक्त पैसा मिलने लगेगा। तब उद्योग धंधे भी बढ़ेंगे और फिर जीडीपी भी 4 से 5 गुना बढ़ जाएगी।
बढ़ाने होंगे रोजगार के मौके
अनिल कहते हैं, नोटबंदी और जीएसटी का फायदा बिना फॉलोअप के नहीं मिलेगा। सरकार को खामियां दूर कर तीसरे चरण के सुधार अपनाने ही होंगे। काम की 8 घंटे की शिफ्ट घटाकर 6 घंटे तक लाना होगा। कामगारों की क्रिएटिविटी निखरेगी, प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी और रोजगार के मौके बढ़ेंगे।
Published on:
26 Dec 2017 01:09 pm
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