
weather update: राजस्थान में यहां आसमान में काली घटाएं देख कांप उठता है लोगों का कलेजा...
कोटा. लगातार हो रही बारिश ( Heavy Rain ) धरतीपुत्रों से लेकर हर आम शहरी-ग्रामीण को पुलकित रही हो, लेकिन नयापुरा इलाके के करीब एक दर्जन परिवारों का आसमान में काली घटाएं ( Dark clouds in the sky ) देख कर ही कलेजा बैठने लगता है। वजह है उनके लिए अब तक कवच का कार्य कर रही दीवार का धराशायी होना। अब हर बरसात में रिसती मिट्टी उनकी सांसें चढ़ा देती है।
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नयापुरा पुराने बस स्टैण्ड की दीवार एक माह पहले 2-3 जुलाई को आई तेज बारिश में भरभराकर गिर गई थी। करीब 50 मीटर की यह दीवार ही इसके ठीक ऊपर बसे मोहल्ले का कवच थी। दीवार के ठीक पास सामने 10-12 घर हैं जिनमें 70 से ज्यादा लोग रहते हैं। यह दीवार रोडवेज डिपो के स्वामित्व की है। लोग रोडवेजप्रबन्धन समेत कलक्टर और नगर निगम में समस्या समाधान के लिए शिकायत दे चुके हैं।þ
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पहले भी में दो बार ध्वस्त हो चुका हिस्सा
दशकों पुरानी और निरंतर पानी की मार झेल रही इस दीवार का चंबलेश्वर महादेव मंदिर के पास वाला 60-70 फीट हिस्सा पूर्व में दो बार तेज बारिश में ध्वस्त हो चुका है। पास ही रहने वाले मुरली मनोहर ने बताया कि पहली बार यह गत वर्ष अनन्त चतुर्दशी के एक दिन पूर्व तेज बारिश में ध्वस्त हो गया था। तब भी 3-4 समीपवर्ती मकानों को खतरा हो गया था। ठीक कराने के लिए प्रशासन से लेकर रोडवेज को शिकायतें की। दो माह संघर्ष के बाद विधानसभा चुनाव से पहले दीवार बनाई गई। यह दीवार चंद माह ही चली। रोडवेज की ओर से यहां सीपेज हो रहे पानी की समस्या के निपटारे के लिए नाला निर्माण के दौरान दीवार का यह हिस्सा भरभराकर गिर गया। शिकायतों के बाद फिर रोडवेज ने इसे बनवाया।
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सीपेज बड़ी समस्या
लोगों ने बताया कि चंबल के टीले पर बसे इस मोहल्ले में नीचे की ओर से लगातार पानी सीपेज रोडवेज परिसर में हो रहा था। बराबर पानी भरा रहने से परेशान होकर सुगम पोर्टल पर शिकायत की गई। एक साल तक नगर निगम, जलदाय समेत विभिन्न विभागों के तकनीशियन और अधिकारी दौरे पर आते रहे, लेकिन पानी का स्रोत नहीं मिल पाया। आखिर में सीपेज की संभावना जता सरकारी टीमों ने कन्नी काट ली। इसी पानी की धारा के लिए रोडवेज ने नाला निर्माण कराया।
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खतरा यह
दीवार से मकानों की नींव को संबल था, इसके धराशायी होने से बारिश में मिट्टी के कटाव से इन मकानों को खतरा है। सीपेज के पानी से भी मकानों की नींव बराबर कमजोर हो रही, इससे भी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। दीवार ध्वस्त होने के बाद महज तीन-चार फीट चौड़े रास्ते की फर्शी भी बैठक लेने लगी है।
नयापुरा बस स्टैंड की दीवार के पुन: निर्माण का मामला सिविल विभाग को भेज दिया है। वहां से टीम मौका-मुआयना भी कर गई है। जल्द निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
कुलदीप शर्मा, मुख्य प्रबंधक, रोडवेज कोटा आगार
Published on:
10 Aug 2019 09:53 am
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