17 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कोटा
WATCH: कोटा में तेज बारिश से उफनी चंबल, बैराज के खोले 4 गेट, 19 हजार क्यूसेक पानी की निकासी
Play video

WATCH: कोटा में तेज बारिश से उफनी चंबल, बैराज के खोले 4 गेट, 19 हजार क्यूसेक पानी की निकासी

Heavy Rain, kota Barrage: तीन दिन से थमा बारिश का दौर बुधवार सुबह झमाझम के साथ फिर से शुरू हो गया। कोटा बैराज के 4 गेट खोलेे गए हैैं।
Google source verification

कोटा

•

image

Zuber Khan

•

Jul 31, 2019

कोटा. तीन दिन से थमा बारिश का दौर बुधवार सुबह झमाझम बरसात के साथ फिर से शुरू हो गया। ( Heavy Rain ) मौसम में नमी होने से लोगों को उमस से राहत मिली। जवाहर सागर बांध ( Jawahar Sagar Dam ) में लगातार पानी की अच्छी आवक होने से चंबल नदी ( chambal river ) भी उफान पर है। इसके चलते बुधवार को कोटा बैराज ( Kota Barrage ) के 4 गेट खोलकर 19350 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। इससे नदी-नाले उफन गए। जवाहर सागर में 7700 क्यूसेक पानी आ रहा है। इससे चंबल का जल स्तर बढ़ गया और गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। पूर्व में हुई बारिश से अभी शहर की कई बस्तियों में पानी भरा हुआ है। वहीं, ग्रामीण अंचल में खेत लबालब हैं।

weather update : 10 साल में पहली बार कोटा में आई वो खौफनाक रात, मंजर याद आया तो कांप उठी रूह

हालांकि सांगोद में मंगलवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे से दस मिनट तक तेज और शाम पांच बजे से पन्द्रह मिनट तक हल्की बारिश हुई। चेचट में सुबह पन्द्रह मिनट रिमझिम बारिश हुई। सोमवार रात यहां बारिश हुई थी। कैथून में भी फुहारें गिरी। रावतभाटा, सुल्तानपुर व इटावा में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई और उमस से लोग परेशान रहे। खातौली के निकट पार्वती नदी की पुल पर चादर चलने से दूसरे दिन भी शाम तक कोटा-श्योपुर मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद रहा।

Read More: विधानसभा में सनसनीखेज खुलासा: कोटा में वन विभाग की 190 हैक्टेयर भूमि पर बस गई 700 मकानों की अवैध बस्ती

वहीं, शहर के पास स्थित लखावा गांव में बारिश के कारण रास्तों में दलदल सा हो गया है। कीचड़ इस तरह फैल गया है कि लोगों का आना-जाना ही दुश्वार हो गया है। कीचड़ में फिसलन होने से बच्चे और बुजुर्ग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। ऐसा हाल कई कॉलोनियों का बना हुआ है। बरसाती पानी के साथ आई गंदगी अभी तक सड़कों पर जमी है। नगर निगम प्रशासन ने सफाई व्यवस्था पर ध्यान तक नहीं दिया है। इससे बीमारियां फैलने का अंदेशा बना रहता है।