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बूंदी में देर रात 2 मंजिला खण्डर भवन 2 मकानों पर गिरा, बाल-बाल बची 10 लोगों की जान, दहशत में परिवार

Rain Accident, House collapsed: बूंदी जिले में 2 मंजिला खंडर मकान दो मकानों पर गिर गया। ऐन वक्त पर बाहर निकल जाने से 10 लोग बाल-बाल बच गए।
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कोटा

•

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Zuber Khan

•

Aug 31, 2019

shabby House Fell Down

बूंदी में देर रात 2 मंजिला खण्डर भवन 2 मकानों पर गिरा, बाल-बाल बची 10 लोगों की जान, दहशत में परिवार

लाखेरी. कस्बे की बह्मपुरी बस्ती में गुरुवार रात मूसलाधार बरसात में खण्डहर जीर्ण-शीर्ण भवन गिरने से दो आशियाने ध्वस्त हो गए। हादसे में 10 जानें बच गई। हादसे की आशंका से दोनो भवन मालिकों ने रात को कुछ देर पहले ही मकान छोड़ दिए थे। जानकारी के अनुसार रात करीब एक बजे तेज बरसात का दौर शुरू होते ही बड़े जैन मंदिर की गली में स्थित सेवानिवृत पालिका कर्मचारी महेशचंद योगी व प्रेमशंकर शर्मा के परिवारजनों को समीप के खण्डहर भवन से कुछ पत्थर गिरने की आहट सुनाई दी। पत्थरों की आवाज सुनकर दोनों परिवारों ने रात्रि को ही अपने मकान छोड दिए। देर रात करीब दो बजे महेशचंद के मकान से अड़े दो मंजिला खण्डहर भवन के झरोखे गिरने शुरू हो गए। फिर दीवारें भी गिरने लगी।

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पत्थरों व पट्टियों ने भूतल पर बने योगी के भवन के 4 कमरों को तहस-नहस कर दिया। कमरों में रखे टीवी, फ्रिज, कूलर, कपड़े आदि मलबे में दब गए। वहीं प्रेमशंकर के मकान की दीवार व पट्टियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे महेशचंद को 10-15 लाख और प्रेमशंकर को 2-3 लाख रुपए का नुकसान है। हादसे के कुछ समय पहले दोनों मकानों में करीब दस जने मौजूद थे। समय रहते मकानों से निकलने से बड़ा हादसा टल गया। दोनों पीडि़तों ने उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने व क्षतिग्रस्त भवनों को हटाने की
मांग की।

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प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान
ब्रह्मपुरी बस्ती में प्राचीन खण्डहर भवन 10-12 हैं। जिनके मालिक छोड़कर अन्यत्र चले गए हैं। इन मकानों में झाड़-झंखाड़ व पेड़ उगे हुए हैं। पानी से भवनों की दीवारें तिरछी हो गई है। इस समस्या के समाधान की मांग बस्तीवासियों ने कई बार की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पार्षद सौरभ शर्मा व सुभाषचंद्र शर्मा ने बताया कि प्राचीन खण्डहर भवनों के गिरने की आशंका को लेकर कई बार लिखित में नगरपालिका व उपखण्ड कार्यालय में शिकायत कर चुके हैं। हर बार प्रशासन सर्वे करवाता है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं करता है।


कोई नहीं पहुंचा सुध लेने
रात करीब 2 बजे खण्डहर भवन के गिरने व दो मकानों के क्षतिग्रस्त होने के बाद भी प्रशासन का कोई नुमाइंदा पीडि़त परिवारों की सुध लेने नहीं पहुंचा। इससे बस्ती के लोगों में प्रशासन की सुस्ती को लेकर आक्रोश जताया।

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दोनों परिवारों की शिकायत प्राप्त हुई है। मौका मुआयना के लिए तहसीलदार को निर्देश दे दिए गए है। वस्तुस्थिति की जांच कर वह रिपोर्ट पेश करेंगे। उसके बाद क्षतिग्रस्त भवनों को हटाने व पीडि़त व्यक्तियों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की कार्रवाई की जाएगी।
गोवरधन मीणा, उपखण्ड अधिकारी