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कैसे बदरंग हुआ धनिया और क्यों गिर जाएंगे अब भाव? जानने के लिए पढि़ए ये खबर….

रामगंजमंडी. यहां बुधवार शाम को हुई 25 मिनट की बारिश ने कई किसानों व व्यापारियों के अरमानों पर पानी फेर दिया। कृषि उपज मंडी में आया धनिया, लहसुन, चना व
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कोटा

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Anil Sharma

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Updated: 12 Apr 2018, 6:30 AM IST

kota

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रामगंजमंडी. यहां बुधवार शाम को हुई 25 मिनट की बारिश ने कई किसानों व व्यापारियों के अरमानों पर पानी फेर दिया। कृषि उपज मंडी में आया धनिया, लहसुन, चना व सरसों की जिन्स भीग गई। बारिश से किसानों व व्यापारियों को करोड़़ों का नुकसान बताया जा रहा है। धनिया की जिन्स सर्वाधिक प्रभावित हुई है। बारिश के दौरान आधा दर्जन बार बिजली गुल हुई। जानकारी के अनुसार यहां दोपहर बाद मौसम बिगउ़ा और पौने पांच बजे रिमझिम बारिश शुरू हुई।कुछ देर रिमिझिम बारिश के बाद करीब 25 मिनट तक तेज बारिश हुई जिससे मंडी में जिन्स भीग गई। व्यापारियों की ओर से खुली नीलामी में आठ से दस हजार रुपए प्रति क्विंटल के भाव खरीदे गए धनिया के बदरंग हो गया। अब उसके दाम कम मिलेंगे। खुली नीलामी में धनिया खरीद चुके व्यापारियों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। व्यापारियों का करीब 10 हजार बोरी धनिया भीगा है। कई किसानों ने मौसम बिगडऩे पर तत्काल बरसातियों का प्रबंध कर जिंस को ढक़ दिया। इस कारण ये किसान नुकसान से बच गए।

जो संभले वे नुकसान से बचे
दोपहर बाद मौसम बदलने लगा तो कुछ व्यापारियों ने अपनी जिंस की बोरियों को ऊंटगाड़ी में लदान करके गोदामों तक पहुंचाना शुरू कर दिया लेकिन एक से दो हजार बोरी नीलामी यार्ड से उठने के बाद अचानक हुई बारिश से मंडी यार्ड में बोरियों में भरा व तुलने से शेष रहा धनिया बरसाती पानी की भेंट चढऩा शुरू हो गया। बारिश तेज होने से व्यापारियों को संभलने का मौका नहीं मिला तो कामगार बरसात से बचने के लिए शेड के नीचे जाकर खड़े हो गए। टयूबर शेड के नीचे रखा धनिया सुरक्षित रहा। यहां दो ट्यूबर शेड हैं जिनकी क्षमता करीब आठ हजार बोरी है। नीलामी यार्ड में टयूबर शेड के दोनों हिस्सों में खुली सडक़ है जिस पर धनिया की ढेरियां लगती हैं। इसके अलावा बाहरी हिस्से में छाया का प्रबंध नहीं होने से खुले में यहां ढेरियां लगती हंै। आवक ज्यादा होने से धनिया सबसे ज्यादा बरसात से भीगा और बदरंग हो गया। इससे व्यापारियों को अब भाव कम मिलेंगे और नुकसान उठाना पड़ेगा।

पांच हजार बोरी की नहीं हुई नीलामी
बारिश के कारण नीलामी रुकने से किसानों का करीब पांच हजार बोरी धनिया नहीं बिक पाया। बरसातियों का प्रबंध करने के बावजूद ढेरियों में रखा धनिया मामूली रूप से प्रभावित हुआ है। धनिया भीगने से किसानों को उनकी उपज के दाम नीलामी में कम मिलने की आशंका है।