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JEE Advanced 2018 AIR 2 साहि‍ल का success mantra, स्‍मार्ट स्‍टडी से मि‍लेगी सफलता

आईआईटी में दाखिले के लिए 20 मई को आयोजित JEE Advanced 2018 में तकनीकि खामियां भी खूब हुईं। अखिल भारतीय स्तर पर दूसरी रैंक हासिल करने वाले कोटा के छात्र साहिल जैन ने खुलासा किया
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कोटा

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Zuber Khan

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Updated: 10 Jun 2018, 9:14 PM IST

Toppers Sahil Jain Interview

Toppers Interview : कम्प्यूटर खराब होने के बाद भी कोटा के साहिल ने जेईई एडवांस में हासिल की दूसरी रैंक

कोटा. आईआईटी में दाखिले के लिए 20 मई को आयोजित JEE Advanced 2018 में तकनीकि खामियां भी खूब हुईं। अखिल भारतीय स्तर पर दूसरी रैंक हासिल करने वाले कोटा के छात्र साहिल जैन ने खुलासा किया कि परीक्षा के दौरान उनका कंप्यूटर खराब हो गया। गनीमत रही कि वह नवर्स नहीं हुए और ज्यादातर सवाल वह हल कर चुके थे। साहिल का जयपुर विवेकानंद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सेंटर था।

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आईआईटी कानपुर की ओर से आयोजित कराई गई जेईई एडवांस का पहली बार ऑनलाइन एग्जाम आयोजित किया गया था। 360 अंक की प्रवेश परीक्षा में 324 अंक हासिल कर अखिल भारतीय स्तर पर दूसरी रैंक हासिल करने वाले कोटा के छात्र साहिल जैन ने बताया कि प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा के दौरान अचानक उनका कंप्यूटर खराब हो गया। पीसी के मॉनीटर पर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। गनीमत यह रही कि तब तक वह प्रश्नपत्र का अधिकांश हिस्सा हल कर चुके थे। इनती विपरीत परिस्थितियों में भी साहिल नवर्स नहीं हुए और उन्होंने जैसे-तैसे पूरी परीक्षा दी। साहिल ने बताया कि दूसरे प्रश्रपत्र में भी उनके साथ यही दिक्त आई। यदि ऐसा नहीं होता तो वह निश्चित तौर पर ऑल इंडिया टॉपर बनते।

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उपन्यास पढऩा पसंद

साहिल बताते हैं कि दो साल की तैयारी के दौरान उन्होंने तनाव को कभी भी खुद पर हावी नहीं होने दिया। खाली वक्त में संगीत सुनने के साथ ही नॉवल पढऩा उन्हें खासा पसंद था। जिसकी वजह से सारा तनाव खत्म हो जाता। साहिल ने बताया कि उन्होंने हमेशा सिलेबस को फोकस करके ही पढ़ाई की। कभी भी आउट ऑफ सिलेबस नहीं गए। इतना ही नहीं जिस प्रॉब्लम ने उन्हें ज्यादा परेशान किया उसे उन्होंने खुद हल करने के बजाय टीचर्स से पूछना ज्यादा बेहतर समझा। इससे उनका काफी समय बच गया और रिवीजन के लिए पूरा टाइम मिल सका।

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सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना सपना

साहिल चाहते हैं कि उनका दाखिला आईआईटी मुम्बई की कंप्यूटर साइंस ब्रांच में हो, क्योंकि वह आगे चलकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं। साहिल ने जूनियर स्टूडेंट्स को सलाह दी कि पढ़ाई में डूबे रहने के बजाय स्मार्ट स्टडी करें। सफलता आसानी से मिलेगी। आल इंडिया टकंप्यूटर खराब होने के बाद भी नहीं हारा हौसला